Report By : Himanshu Garg (Maharashtra News)
कड़ाके की ठंड में भी महाराष्ट्र की सियासत तेज गर्म पानी की तरह उबाल मार रही है। 2024 लोकसभा चुनाव की नजदीकी और कल यानी 22 जनवरी को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से परेशान विपक्ष लगातार मोदी सरकार पर तरह-तरह के आरोप लगा रहा है। इसी बीच शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने पूर्व सहयोगी भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि कहा कि (उनके दादा) बाल ठाकरे ने अन्य दलों को तोड़ने के लिए कभी हिंदुत्व का इस्तेमाल नहीं किया।
मध्य मुंबई में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा कि उनकी पार्टी के साथियों को जांच एजेंसियों द्वारा निशाना बनाया जा रहा है। क्योंकि शिवसेना (यूबीटी) ने विधायकों की अयोग्यता से जुड़े मामले में विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के ‘‘गलत आदेश’’ को लोगों के सामने प्रमुखता से रखने को लेकर संवाददाता सम्मेलन किया।
आदित्य ठाकरे ने कहा कि एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद जून 2022 में शिवसेना में विभाजन हो जाने के उपरांत दोनों ही गुटों ने एक-दूसरे के विधायकों को दल-बदल कानून के तहत अयोग्य करार देने की मांग करते हुए विधानसभा अध्यक्ष को याचिकाएं दी थीं। इस बगावत के बाद शिंदे मुख्यमंत्री बन गए थे। अपने आदेश में नार्वेकर ने व्यवस्था दी कि शिंदे का गुट असली शिवसेना है। उन्होंने किसी भी धड़े के किसी भी विधायक को अयोग्य भी नहीं ठहराया।
आदित्य ठाकरे ने ये भी कहा कि, ‘रवींद्र वायकर, किशोर पेडनेकर, राजन साल्वी को जांच एजेंसियों द्वारा परेशान किया जा रहा है और धमकियां दी जा रही हैं ताकि वे एकनाथ शिंदे धड़े में चले जाएं। इन नेताओं के पास छिपाने को कुछ नहीं है, इसलिए वे (उद्धव ठाकरे के प्रति) निष्ठावान बने हुए हैं।’
गद्दार शब्द पर ये बोले आदित्य ठाकरे
इस दौरान आदित्य ठाकरे ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को यह सुनिश्चित करने को कहा कि एक भी ‘गद्दार’ लोकसभा, विधानसभा या यहां तक कि निकाय चुनाव न जीत सके। शिवसेना (यूबीटी) शिंदे गुट के नेताओं के लिए ‘गद्दार’ शब्द इस्तेमाल करती रही है।‘जब मेरे विरोधी मुझे निशाना बनाते हैं तो मैं ऊर्जावान महसूस करता हूं क्योंकि मैं जानता हूं कि मेरी आलोचना ने उन पर प्रहार किया है और मैं सही रास्ते पर हूं। मेरे दादा (शिवसेना संस्थापक दिवंगत बाल ठाकरे) ने राजनीति, भ्रष्टाचार करने या दलों को तोड़ने के लिए हिंदुत्व का कभी इस्तेमाल नहीं किया।’

