मुंबई। महाराष्ट्र में 12 दिनों तक चला गणेश उत्सव आज अनंत चतुर्दशी के साथ संपन्न हुआ। इसी के साथ राज्यभर में आज गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुरू हुआ। मुंबई की सड़कों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े और पूरा माहौल भक्तिमय नजर आया।
शुक्रवार सुबह से ही मुंबई के घरों और मशहूर गणेश पंडालों से विसर्जन यात्राएं निकलनी शुरू हो गई थीं। पूजा-अर्चना के बाद भक्त ढोल-ताशों की धुन पर झूमते नजर आए। इस दौरान ‘गणपति बाप्पा मोरया, पुढच्या वर्षी लवकर या’ के जयकारों से पूरा माहौल गूंज उठा।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मुंबई पुलिस और BMC ने सुरक्षा के खास इंतजाम किए थे। कानून-व्यवस्था संभालने, भीड़ को नियंत्रित करने और ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए महाराष्ट्रभर में 24 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।
विसर्जन को लेकर प्रशासन रहा अलर्ट
गणेश विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के घरों से बाहर निकलने को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया था। मुंबई पुलिस और BMC की टीमें अलग-अलग जगहों पर व्यवस्था संभालती नजर आईं।
BMC ने करीब 25 हजार कर्मचारियों को विसर्जन ड्यूटी पर लगाया था। श्रद्धालुओं की मदद के लिए तालाब, गोताखोर, एंबुलेंस और मेडिकल टीमों की व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा क्रेन और दूसरी आपातकालीन सेवाएं भी तैयार रखी गई थीं।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से की थी अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सुरक्षा नियमों का पालन करने और निर्धारित जगहों पर ही गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन करने की अपील की थी। साथ ही लोगों से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का सहयोग करने को कहा गया था।
हर साल की तरह इस बार भी लालबाग इलाके में भारी भीड़ देखने को मिली। लालबागचा राजा समेत कई बड़े सार्वजनिक गणेश मंडलों के दर्शन और विसर्जन यात्रा देखने के लिए दूर-दूर से लोग मुंबई पहुंचे थे।
विसर्जन यात्रा के दौरान सड़कों पर फूलों की बारिश हुई और भक्तों ने गुलाल उड़ाकर उत्साह मनाया। ढोल-ताशों की गूंज के बीच मुंबई में गणपति बप्पा को विदाई दी गई।

