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मिलिए कुलदीप वेदवान से, पैराआर्चरी कोच जो भारत के स्टार पैरालंपिक तीरंदाजों को ट्रेनिंग दे रहे हैं

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Jun 24, 2026 #source
Meet Kuldeep Vedwan, the para archery coach who is training India’s star Paralympic archers

कुलदीप वेदवान: भारत की पैराआर्चरी क्रांति के मुख्य कोच

भारत में पैराआर्चरी ने एक अलग ही पहचान बनाई है, जिसमें जुनून, दृढ़ता और संपर्क भूमिका निभाते हैं। इस क्षेत्र के केंद्र में हैं कुलदीप वेदवान, जो एक प्रशिक्षक, नवप्रवर्तनकारी और अग्रणी व्यक्ति हैं, जिन्होंने देश के पैरालंपिक तीरंदाजों को विश्व मंच पर लाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

जब हम शीटल देवी, राकेश कुमार या हरविंदर सिंह के पदक समारोह का जश्न मनाते हैं, तो अक्सर हम उन तमाम लोगों को भूल जाते हैं, जिन्होंने पीठ पीछे अथक मेहनत से खेल को संवारने का मार्ग प्रशस्त किया। वे वे लोग जिन्होंने स्वंय पदक जीतने के बजाए उन खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया जिन्होंने पदक जीते।

कुलदीप वेदवान की कहानी भी ऐसी ही है। भारतीय सेना में सेवा के दौरान, वेदवान ने 2009 में वेदवान आर्चरी अकादमी की स्थापना की। उत्तर प्रदेश के अपने गांव धनौरा टिकरी से ही भारत की पैराआर्चरी क्रांति की शुरुआत हुई।

यह अकादमी साधारण शुरूआत के बावजूद, अपने उद्देश्य के प्रति एक महान दृष्टिकोण रखती है। वेदवान का लक्ष्य केवल खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करना नहीं था, बल्कि उन्हें प्रेरित कर एक नई पीढ़ी तैयार करना था जो देश का मान बढ़ाए। उनकी यह प्रतिबद्धता और समर्पण आज के भारत के पैरालंपिक खिलाड़ी की सफलता की नींव है।

पैराआर्चरी का यह सफर, छोटे गांवों से लेकर बड़े वैश्विक मंच तक पहुंचने का उदाहरण है, जिसमें कुलदीप वेदवान जैसे प्रशिक्षकों का अहम योगदान है। उनकी मेहनत और समर्पण ने भारतीय पैरालंपिक तीरंदाजों को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया है।

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Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)