• Mon. Jun 22nd, 2026

विश्व भर में इस वर्ष रोग प्रकोपों को बढ़ावा देने में अविश्वास और गलत सूचनाएं मुख्य कारण रहीं

Byadmin

Jun 22, 2026 #source
Distrust, misinformation have fuelled disease outbreaks around the world this year

विश्व में रोग प्रकोपों की गति और उसके पीछे व्यापक अविश्वास

2026 के प्रथम छमाही में रोगों की तीन प्रमुख लहरों ने पूरी दुनिया के स्वास्थ्य तंत्र की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इनमे इबोला, हैंटावायरस और ऑस्ट्रेलिया में डिफ्थीरिया की घटनाएं शामिल हैं, जिन्होंने बीमारी की पहचान, संचार और नियंत्रण में मौजूद कमियों को उजागर किया।

इनसे निपटने के लिए कई अलग-अलग चुनौतियां सामने आईं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बाधा रही लोगों का स्वास्थ्य सेवाओं पर अविश्वास और सही जानकारी का अभाव, जिस कारण गलत सूचनाएं और अफवाहें तेजी से फैलती रहीं।

यह स्थिति विश्व के विभिन्न हिस्सों में भिन्न-भिन्न रूपों में प्रकट हुई और इसके गंभीर परिणाम हुए हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि भविष्य में इन प्रकोपों से बेहतर मुकाबला करने के लिए अविश्वास को कैसे दूर किया जाए।

इबोला महामारी

इबोला नियंत्रण में सबसे बड़ी रुकावट रही अफवाहें, अविश्वास और गलत सूचनाएं, जो कि कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में चल रहे संक्रमण में बार-बार देखने को मिली हैं।

समुदाय के सर्वेक्षण बताते हैं कि लोगों के बीच इबोला के प्रति कई भ्रांतियां व्याप्त हैं, जैसे इसकी वास्तविकता पर संदेह, बीमारी की पहचान के तरीके को लेकर भ्रम और स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसे की कमी।

इन कारणों से संक्रमित केसों की सही及时 पहचान नहीं हो पाई, लोग चिकित्सा सहायता लेने में संकोच करते रहे या मामले छिपाते रहे, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।

उदाहरण के रूप में मई के अंत में ऐसा देखा गया कि कुछ डीआरसी निवासियों ने मेसीन्स सॉंस फ्रोंटियर्स द्वारा इबोला संदिग्ध व पुष्ट केसों के लिए बनाई गई शिविर की तंबू में आग लगा दी, जिसके कारण 18 ऐसे संदिग्ध व्यक्ति रहस्यमय तरीके से शिविर से बाहर निकल गए।

इस घटना का कारण एक घोषणा थी, जिसने स्थानीय लोगों के बीच अविश्वास की स्थिति को और बढ़ा दिया।

Source

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)