अभिषेक घोषलकर हत्या मामले में दो गवाहों के पॉलीग्राफ परीक्षण की अनुमति सीबीआई को मिली
मंबई की एक विशेष अदालत ने पूर्व शिवसेना (यूबीटी) पार्षद अभिषेक घोषलकर हत्या मामले में दो गवाहों के पॉलीग्राफ परीक्षण के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को अनुमति प्रदान की है। यह आदेश दोनों गवाहों द्वारा स्वेच्छा से परीक्षण के लिए सहमति देने के बाद दिया गया।
हालांकि, आरोपी अमरेंद्र कुमार मिश्रा के पॉलीग्राफ परीक्षण के आग्रह को अदालत ने अस्वीकार कर दिया, क्योंकि उन्होंने इस प्रक्रिया के लिए सहमति नहीं दी।
अदालत की मंजूरी के बाद, गवाह मेहुल पारेख और रयान गोरे इन परीक्षणों से गुजरेंगे जो मामले की जांच की महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है। विशेष सत्र न्यायाधीश अजीत यादव ने बताया कि अदालत ने व्यक्तिगत रूप से दोनों गवाहों से वार्ता कर उनकी लिखित और स्वैच्छिक सहमति की पुष्टि की।
अदालत ने अपने आदेश में यह भी उल्लेख किया कि गवाह पूरी तरह से पॉलीग्राफ परीक्षण के प्रभावों और संभावित परिणामों से अवगत थे और बिना किसी दबाव के इस प्रक्रिया के लिए सहमत हुए।
सुनवाई के दौरान, सीबीआई ने तर्क दिया कि मिश्रा, पारेख और गोरे के पास हत्या की पृष्ठभूमि और घटनाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी है। एजेंसी ने कहा कि पॉलीग्राफ परीक्षण से जांच को सहायता मिलेगी और घटनाक्रम का क्रम स्थापित करने में मदद मिलेगी।
फेसबुक लाइव प्रसारण के दौरान हुई हत्या
यह मामला फरवरी 2024 में बोरीवली में हुई अभिषेक घोषलकर की सनसनीखेज हत्या से संबंधित है। स्थानीय व्यापारी और समाजसेवी मॉरिस नोरोंहा ने फेसबुक लाइव सेशन के दौरान घोषलकर पर गोली चलाई थी।
जांचकर्ताओं के अनुसार, नोरोंहा ने लाइव प्रसारण के दौरान ही घोषलकर को गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद उसने खुद पर भी गोली चली। आरोप है कि उसने गोलियां अपने बॉडीगार्ड अमरेंद्र कुमार मिश्रा की पिस्टल से चलाईं।
पुलिस जांच में यह भी पता चला कि नोरोंहा, जिनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा थी और जो कई आपराधिक मामलों का सामना कर रहे थे, पहले एक रेप मामले में गिरफ्तार होकर लगभग पांच महीने जेल में रहे। जांचकर्ता दावा करते हैं कि नोरोंहा को यह विश्वास था कि घोषलकर ने इस केस में उसकी संलिप्तता साबित करने में भूमिका निभाई है, जिससे उनके बीच कलह पैदा हुई।
सीबीआई हत्या के पीछे की परिस्थितियों और मामले से जुड़े व्यक्तियों की भूमिका की गहन जांच जारी रखे हुए है।
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