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राजधानी में अब रोबोट से होगी सर्जरी,स्वास्थ्य क्षेत्र में रोबोट सर्जरी से होगी क्रांति,कम समय में नई तकनीक से बेहतर होगा इलाज

Report By : Rashid Arif Lucknow (UP)

मरीज का अब रोबोट आपरेशन करेगा नया रोबोटिक सिस्टम न केवल सर्जरी की गुणवत्ता को बढ़ाएगा, बल्कि इससे चिकित्सा पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा, राजधानी में द विंची-एक्सआई रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम’ से सर्जरी की सुविधा हुई शुरू,डॉ मयंक सोमानी ने गिनाई नवीन पद्धति की विशेषता

उत्तर प्रदेश में (एनसीआर को छोड़कर) द विंची-एक्सआई रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत करने वाला पहला प्राइवेट हॉस्पिटल बना अपोलो

पीडियाट्रिक सर्जरी के लिए सर्वोत्तम है द विंची एक्स आई

इलाके में नई मेडिकल तकनीकों के प्रयोग के साथ साथ मेडिकल टूरिज्म को मिलेगा प्रोत्साहन,डॉ मयंक सोमानी, एमडी/सीईओ अपोलोमेडिक्स हॉस्पिटल

राजधानी लखनऊ के निजी अस्पताल अपोलो ने मेडिकल टेक्नोलॉजी में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करने की घोषणा की है,हॉस्पिटल ने देश के सबसे एडवांस्ड रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम फिफ्थ जनरेशन द विंची-एक्सआई’ सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई है हॉस्पिटल्स की इस उपलब्धि के साथ, उत्तर प्रदेश में सर्जरी के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत हुई है अपोलो हॉस्पिटल्स एनसीआर को छोड़कर पूरे उत्तर प्रदेश में द विंची-एक्सआई रोबोटिक सर्जरी’ शुरू करने वाला पहला निजी अस्पताल है

लॉन्च इवेंट में मीडिया को संबोधित करते हुए हॉस्पिटल्स के लखनऊ के एमडी व सीईओ, डॉ. मयंक सोमानी ने हॉस्पिटल द्वारा द विंची एक्सआई सिस्टम सर्जरी शुरू किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की,उन्होंने कहा, “दा विंची सर्जिकल सिस्टम ने लगभग तीन दशकों से रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी में अग्रणी भूमिका निभाई है और दुनिया भर में 1.4 करोड़ से अधिक सफल सर्जरी की हैं हम इस क्रांतिकारी तकनीक को उत्तर प्रदेश में लाकर बहुत उत्साहित हैं, इससे जटिल सर्जरी को अधिक सटीकता और कम चीरों के साथ करने की हमारी क्षमता बढ़ेगी।”

द विंची-एक्सआई सर्जिकल सिस्टम से सर्जरी की शुरुआत से उत्तर प्रदेश में सर्जरी के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। यह नया रोबोटिक सिस्टम न केवल सर्जरी की गुणवत्ता को बढ़ाएगा, बल्कि इससे चिकित्सा पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा जिससे प्रदेश के आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}