Report By : ICN Network
प्रयागराज के महाकुंभ मेले में नाव संचालन के जरिए पिंटू महारा ने महज 45 दिनों में 30 करोड़ रुपये की कमाई की। उनके पास कुल 130 नावें हैं, जिससे उन्होंने यह बड़ा मुनाफा कमाया। अब सवाल यह उठता है कि इतनी बड़ी आय पर पिंटू महारा को कितना टैक्स देना होगा और इसका उनके व्यवसाय पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान नाव संचालन से 30 करोड़ रुपये की कमाई करने वाले पिंटू महारा इन दिनों चर्चा में हैं। खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा सत्र के दौरान इसकी पुष्टि की कि पिंटू महारा के पास 130 नावें थीं और उन्होंने हर दिन करीब 23 लाख रुपये का मुनाफा कमाया। हालांकि, इतनी बड़ी कमाई के बाद अब उन्हें करोड़ों रुपये का टैक्स भी चुकाना होगा। सवाल यह है कि आखिर पिंटू महारा को अपनी आय पर कितना टैक्स देना होगा? आइए, जानते हैं इसकी पूरी गणना।
30 करोड़ की कमाई पर कितना टैक्स देना होगा?
अब बड़ा सवाल यह है कि पिंटू महारा को अपनी 30 करोड़ रुपये की कमाई पर कितना टैक्स भरना होगा। भारत में 15 लाख रुपये से अधिक की आय पर 30% इनकम टैक्स लागू होता है। टैक्स कैलकुलेशन के अनुसार, पिंटू महारा को करीब 12.80 करोड़ रुपये टैक्स के रूप में चुकाने होंगे।
टैक्स कैलकुलेशन
- कुल इनकम: 30 करोड़ रुपये
- इनकम टैक्स: 8,98,12,500 रुपये
- सरचार्ज: 3,32,30,625 रुपये
- हेल्थ और एजुकेशन सेस: 49,21,725 रुपये
- कुल टैक्स देनदारी: 12.80 करोड़ रुपये
हालांकि, अगर पिंटू महारा अपने खर्चों को समायोजित कर नेट इनकम 20 करोड़ रुपये दिखाते हैं, तो उनकी टैक्स देनदारी घटकर 8.52 करोड़ रुपये रह जाएगी।
कैसे हुई 30 करोड़ रुपये की कमाई?
- 130 नावों का संचालन
- हर नाव ने प्रतिदिन औसतन 50,000 रुपये कमाए
- 300 से अधिक नाविकों को मिला रोजगार
- महाकुंभ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से हुआ लाभ
महाकुंभ में किन-किन लोगों ने किया अच्छा मुनाफा?
महाकुंभ केवल नाविकों के लिए ही नहीं, बल्कि कई अन्य व्यवसायों के लिए भी फायदेमंद साबित हुआ।
- ऑटो और टैक्सी चालक: 3,000-5,000 रुपये प्रतिदिन
- बस और टूरिस्ट वाहन: 5,000-10,000 रुपये प्रतिदिन
- नाव चालक: 2,000-4,000 रुपये प्रतिदिन
- होटल बुकिंग: 5,000-10,000 रुपये प्रतिदिन
महाकुंभ ने प्रयागराज के लोकल व्यवसायों को जबरदस्त आर्थिक बढ़ावा दिया, जिससे हजारों लोगों को कमाई का अवसर मिला।

