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ग्रेटर नोएडा : इन दोनों मार्गों को जोड़ने की तैयारी शुरू

ग्रेटर नोएडा के 130 मीटर रोड को यीडा के 120 मीटर रोड से जोड़ने पर विचार- विमर्श शुरू हो गया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इन दोनों मार्गों को जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। इस पर यमुना प्राधिकरण से बातचीत कर निर्णय लिया जाएगा। प्राधिकरण 130 मीटर और 120 मीटर रोड के बीच करीब 3 किलोमीटर की दूरी में सड़क बनाने पर विचार कर रहा है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने परियोजना विभाग की टीम के साथ सोमवार को 130 मीटर रोड का जायजा लिया। अगर दोनों मार्ग जुड़ते हैं, तो इससे गाजियाबाद, ग्रेनो वेस्ट और ग्रेटर नोएडा के निवासी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक आसानी से पहुंच सकेंगे। इसके साथ ही घंघोला रोटरी बनाने के लिए भी सिंचाई विभाग से बात कर निर्णय लियाजाएगा।दरअसल, 130 मीटर रोड ग्रेनो वेस्ट के चार मूर्ति चौक से सिरसा तक बनी हुई है। हजारों वाहन रोजाना इस मार्ग से गुजरते हैं। नोएडा एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद वाहनों को दबाव और बढ़ेगा। इसे ध्यान में रखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर चौड़ीकरण का कार्य भी चल रहा है। इस दूरी में बने गोलचक्करों को छोटा करने पर भी विचार हो रहा है। अब 130 मीटर रोड को यीडा के 120 मीटर रोड से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है, ताकि नोएडा, गाजियाबाद, ग्रेनो वेस्ट और ग्रेटर नोएडा के निवासी 130 मीटर रोड के जरिए 120 मीटर रोड से होकर नोएडा एयरपोर्ट तक आसानी से पहुंच सकें। सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर सोमवार को एसीईओ सुमित यादव ने वरिष्ठ प्रबंधक नरोत्तम सिंह, प्रभारी वरिष्ठ प्रबंधक प्रभात शंकर और प्रबंधक अभिषेक पाल व अन्य के साथ मौके पर मुआयना किया और एसीईओ ने 130 मीटर रोड को 120 मीटर रोड से जोड़ने की संभावनाओं पर चर्चा की। सिरसा के पास ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को पार करने के लिए अंडरपास बनाने पर भी विचार किया जा रहा है। यमुना प्राधिकरण से बातचीत कर प्राधिकरण आगे बढ़ेगा। इसके साथ ही औद्योगिक सेक्टर ईकोटेक 9, 10 व 11 को जोड़ने के लिए घंघोला के पास रोटरी बनाने पर भी विचार किया जा रहा है। प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने यहां भी मौका मुआयना किया और सिंचाई विभाग और अन्य संबंधित विभागों से बातचीत कर निर्णय लिया जाएगा। अगर यह रोटरी बनती है तो बुलंदशहर भी आना-जाना आसान हो जाएगा और औद्योगिक सेक्टरों में आवाजाही सुगम हो जाएगी। जनमानस की सुविधाओं को देखते हुए दोनों ही परियोजनाओं पर सीईओ के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )