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रेलवे ने दी बड़ी राहत: जनरल कोच यात्रियों को भी अब ट्रेन में मिलेगा भोजन, तय किया गया 80 रुपये मूल्य

Report By: ICN Network

ट्रेन में सफर करने वाले जनरल कोच के यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें भी सफर के दौरान खाना उपलब्ध कराया जाएगा। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) ने टच स्टोन फाउंडेशन के सहयोग से यह नई सुविधा शुरू की है। यात्रियों को सिर्फ 80 रुपये में शाकाहारी भोजन मिलेगा।

फिलहाल यह व्यवस्था लखनऊ, वाराणसी और गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर शुरू की जा चुकी है। अब कानपुर सेंट्रल और प्रयागराज जंक्शन पर भी इसे लागू करने की तैयारी चल रही है। इस योजना के तहत जनरल कोच के साथ-साथ एसी और स्लीपर कोच के यात्रियों को भी एक ही कीमत पर खाना उपलब्ध होगा।

भोजन की थाली में दाल, चावल, रोटी, सब्जी और अचार शामिल रहेगा। यात्रियों को कोच में ही खाना उपलब्ध कराया जाएगा और स्टेशन पर मौजूद फूड यूनिट्स व स्टॉलों पर भी यह थाली 80 रुपये में मिलेगी। आईआरसीटीसी के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि जिन स्टेशनों पर यह सुविधा शुरू की गई है, वहां फाउंडेशन के कर्मचारी तय समय पर फूड यूनिटों तक भोजन पहुंचा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि थाली के डिब्बों पर कीमत का स्टीकर लगा होगा, जिससे किसी तरह की ओवरचार्जिंग न हो सके। इसके अलावा यात्री चाहें तो खाना ऑनलाइन भी बुक कर सकते हैं। इस व्यवस्था के विस्तार से अब जनरल कोच यात्रियों को भी किफायती और गुणवत्तापूर्ण भोजन की सुविधा ट्रेन में मिल सकेगी।

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)

{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}
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