बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में सुप्रीम कोर्ट से कड़ी फटकार लगी है। कोर्ट ने तय रकम जमा नहीं करने पर उनके रवैये पर नाराजगी जताई और कहा कि अदालत के आदेश को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
सुनवाई के दौरान राजपाल यादव की ओर से 50-50 लाख रुपये के चार डिमांड ड्राफ्ट की कॉपी दिखाई गई। कोर्ट ने इन दस्तावेजों को लेकर भी सवाल उठाए और भुगतान में हो रही देरी पर नाराजगी जाहिर की।
जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि इस तरह के अहंकार को सही जगह दिखाने की जरूरत है। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि राजपाल यादव को पता होना चाहिए कि अदालत के सामने कब और किस तरह अपनी बात रखनी है।
दरअसल, मामला करीब 5 करोड़ रुपये के पुराने कर्ज और चेक बाउंस केस से जुड़ा है। राजपाल यादव को इन मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है और दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें तीन महीने की सजा भी सुनाई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल राजपाल यादव को एक और आखिरी मौका दिया है। उन्हें तय रकम जमा करने का निर्देश दिया गया है और मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को होगी।

