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Noida: शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु सूरजपुर परेड ग्राउंड में बलवा मॉकड्रिल का आयोजन

Report By : ICN Network

आगामी त्योहारों और वक्फ संशोधन विधेयक को ध्यान में रखते हुए किसी भी आपात स्थिति से निपटने के उद्देश्य से सूरजपुर के परेड ग्राउंड में बलवा मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का नेतृत्व एडिशनल सीपी शिवहरी मीणा (एलओ) और एडिशनल सीपी हेडक्वार्टर अजय कुमार ने किया।

मॉकड्रिल के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दंगा नियंत्रण उपकरणों जैसे—हेलमेट, बॉडी प्रोटेक्टर, केन शील्ड, डंडा, शिन गार्ड, नी गार्ड, एल्बो गार्ड, लाउड हैलर आदि को पहनने और उपयोग करने की विधि के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

बलवा ड्रिल में 9 टीमें शामिल की गईं। इसके अतिरिक्त एलआईयू, सिविल पुलिस, अग्निशमन दल, आंसू गैस दल, लाठी दल, फायरिंग दल, रिज़र्व बल, मेडिकल टीम और फोटोग्राफी/वीडियोग्राफी टीमों को भी शामिल किया गया। सभी ने दंगा नियंत्रण उपकरणों का उपयोग कर उपद्रवियों को नियंत्रित करने का अभ्यास किया।

दंगा नियंत्रण योजना के तहत घातक हथियारों जैसे 5.56 इंसास राइफल, 7.62 एसएलआर, एके-47, रिवॉल्वर, 9 एमएम पिस्टल, ग्लॉक पिस्टल और 9 एमएम एमपी-5 गन आदि के संचालन और उपयोगिता के बारे में जानकारी दी गई तथा हैंडलिंग का अभ्यास भी कराया गया।

इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल की आपात स्थिति में तत्परता, दक्षता और संयमित बल प्रयोग की रणनीति को समझाना और उसे व्यवहार में लाना था।

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}