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1984 के सिख विरोधी दंगों के दौरान जनकपुरी-विकासपुरी हिंसा मामले में राउज ऐवन्यू कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

ByAnkshree

Dec 22, 2025

1984 के सिख विरोधी दंगों के दौरान जनकपुरी-विकासपुरी हिंसा मामले में राउज ऐवन्यू कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा। कोर्ट 22 जनवरी को मामले में फैसला सुनाएगा। मामले में पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार ने कहा था कि वह निर्दोष हैं और कभी इसमें शामिल नहीं थे।

1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक बहुचर्चित मामले में दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार इस मामले में मुख्य आरोपी हैं।

स्पेशल जज डिग विनय सिंह ने मामले की अंतिम बहस पूरी होने के बाद 22 जनवरी को फैसला सुनाए जाने की घोषणा की। इस दौरान भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सज्जन कुमार को अदालत में पेश किया गया। मामले में पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार ने कहा था कि वह निर्दोष है और कभी इसमें शामिल नहीं थे।

यह मामला 1984 में देश भर में हुए सिख विरोधी दंगों से जुड़ा है, जो तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद भड़के थे। दंगों के दौरान दिल्ली के जनकपुरी और विकासपुरी इलाकों में हुई हिंसा की शिकायतों के आधार पर, फरवरी 2015 में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) ने सज्जन कुमार के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की थीं।

पहली एफआईआर जनकपुरी में हुई हिंसा के बारे में थी, जहां 1 नवंबर, 1984 को सोहन सिंह और उनके दामाद अवतार सिंह की हत्या कर दी गई थी। वहीं, दूसरी एफआईआर गुरचरण सिंह के मामले में दर्ज किया गया था, जिन्हें कथित तौर पर 2 नवंबर, 1984 को विकासपुरी में आग लगा दी गई थी

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )