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UP-कासगंज में 21355 किमी पैदल भारत यात्रा का संकल्प लेकर तीर्थनगरी सोरोंजी पहुंचे संत

यूपी के कासगंज सोरोंजी में राष्ट्र प्रेम के साथ आपसी सद्भाव का संकल्प लेकर हरिद्वार से पैदल चलकर तीन संत आज शाम तीर्थनगरी पहुंचे। अखिल भारतीय हरिनाम संकीर्तन पदयात्रा समिति के तत्वाधान में संत स्वामी निर्मल चैतन्य पुरी, स्वामी राजेंद्र पुरी, स्वामी मलूक दास पदयात्रा संयोजक सुभाष सकलानी के साथ तीर्थनगरी पहुंचे। उन्होंने हरि की पौड़ी की परिक्रमा कर वराह मंदिर में दर्शन किए तथा शाम की गंगा वराह सांध्य फेरी में भाग लिया।एवम सोरों की पंचकोसी परिक्रमा में ब्राह्मण कल्याण सभा के साथ लिया भाग एवम बटुक भैरव मंदिर ,सीताराम जी मंदिर, दूधेश्वर महादेव,सूर्य कुंड आदि के दर्शन किए।प्रतिदिन 30 से 35 किमी की पदयात्रा कर यह संत किसी तीर्थस्थान या देवालय में रुकते हैं। पद यात्रा के बारे में बताते हुए संत निर्मल चैतन्य पुरी ने बताया कि 25 अक्टूबर को उन्होंने पदयात्रा कनखल हरिद्वार से प्रारंभ की थी। वे सम्पूर्ण भारत वर्ष में 657 जिलों में 21355 किमी. की पदयात्रा करेंगे। उनकी पदयात्रा का उद्देश्य भारतीय संस्कृति की परम पवित्र सुगंध को सम्पूर्ण भारत वर्ष में संकीर्तन के माध्यम से प्रसारित करना है।

भगवान वराह के प्रादुर्भाव व गोस्वामी तुलसी दास जी के जन्म की इस पवित्र भूमि से सम्पूर्ण भारत के लोगों को दुर्व्यसनों से मुक्त करने की शक्ति मिलेगी।
इस अवसर पर संतों के साथ आचार्य मोहन चंद्र जोशी, कैमरा मैन रवींद्र सैनी, बृजमोहन शर्मा, प्रमोद सिंह, कपिल अग्रवाल,शरद पांडेय ,हेमंत पंडित ,अभिषेक वशिष्ठ,अतुल निर्भय,पवन दुवे,उपेंद्र उपाध्याय,आशीष उपाध्यय,आदि लोग मौजूद रहे।

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}