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दिल्ली: आज से 11 अगस्त तक विशेष यातायात व्यवस्था

दिल्ली में सावन माह की कांवड़ यात्रा को लेकर ट्रैफिक पुलिस ने 30 जुलाई से 11 अगस्त तक विशेष ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान लागू किया है। लाखों कांवड़ियों के राजधानी से गुजरने की संभावना को देखते हुए यह व्यवस्था आम लोगों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए की गई है। यात्रा के दौरान 308 ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती की गई है और 306 ट्रैफिक रेगुलेशन प्वाॅइंट बनाए गए हैं। इसके अलावा राजधानी में स्थापित 1,828 कांवड़ शिविरों के आसपास यातायात व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।ट्रैफिक पुलिस के अनुसार 9 से 11 अगस्त के बीच कांवड़ियों की संख्या सबसे अधिक रहने की संभावना है। इसे देखते हुए 9 अगस्त सुबह 7 बजे से कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन और प्रतिबंध लागू होंगे। सबसे अधिक असर जीटी रोड पर रहेगा। अप्सरा बॉर्डर से यमुना ब्रिज तक का मार्ग 9 अगस्त सुबह 7 बजे से 12 अगस्त रात 8 बजे तक सामान्य वाहनों के लिए बंद रहेगा।

कांवड़ियों के प्रवेश के लिए गाजीपुर, अप्सरा, भोपुरा, सोनिया विहार, लोनी, महाराजपुर और डीएलएफ बॉर्डर को प्रमुख मार्ग बनाया गया है। हरियाणा और राजस्थान की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग रूट निर्धारित किए गए हैं।यात्रा के दौरान जीटी रोड, वजीराबाद रोड, लोनी रोड, मथुरा रोड, रिंग रोड, पुस्ता रोड, आशाराम त्यागी मार्ग और जीटी करनाल रोड सहित कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित रहने की संभावना है। भारी वाहनों के लिए भी अलग डायवर्जन प्लान तैयार किया गया है। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से घर से निकलने से पहले ट्रैफिक अपडेट देखने, वैकल्पिक मार्ग अपनाने और अतिरिक्त समय लेकर यात्रा करने की अपील की है।आया सावन पावन, भोले की भक्ति में डूबेगी राजधानीसावन मास के शुभारंभ के साथ ही बृहस्पतिवार से राजधानी पूरी तरह शिवमय हो जाएगी। भगवान भोलेनाथ के प्रिय इस पावन महीने में दिल्ली के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं का रेला उमड़ने की उम्मीद है। श्रद्धालु शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित कर जलाभिषेक करेंगे। इस वर्ष 11 अगस्त को पड़ने वाली शिवरात्रि के अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक का आयोजन होगा।सावन की शुरुआत के साथ ही गोमुख और हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटने वाले हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कांवड़िये दिल्ली की सीमाओं में प्रवेश करने लगेंगे। अगले कुछ दिनों में राजधानी के श्रद्धालु भी कांवड़ यात्रा पर निकलेंगे और पूरा शहर ”बोल बम” व ”हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठेगा।श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चांदनी चौक के गौरी शंकर मंदिर, मादीपुर के प्राचीन शिव मंदिर, यमुना तट स्थित नीली छतरी वाले मंदिर, प्रीत विहार के गुफा वाले मंदिर, छतरपुर, द्वारका, रोहिणी, शाहदरा, करोल बाग, जनकपुरी तथा अन्य प्रमुख शिवालयों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिर समितियों ने साफ-सफाई, पेयजल, बैरिकेडिंग, अलग-अलग दर्शन कतारें, प्रसाद वितरण और स्वयंसेवकों की तैनाती की व्यवस्था की है। कई मंदिरों में सावन के प्रत्येक सोमवार को विशेष रुद्राभिषेक, भजन-संध्या और धार्मिक प्रवचन भी होंगे।ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालुओं के लिए खुल जाएंगे मंदिरों के कपाटसावन भर मंदिरों के कपाट ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालुओं के लिए खुल जाएंगे। मान्यता है कि इस माह श्रद्धापूर्वक भगवान शिव का जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। इसी आस्था के कारण सावन के सोमवार और शिवरात्रि पर लाखों श्रद्धालु व्रत रखकर भोलेनाथ की आराधना करेंगे।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )