• Wed. May 27th, 2026

मालदीव की वर्तमान सरकार की चीन से बढ़ती करीबियों पर रखनी होगी पैनी नजर.. शशि थरूर ने मोदी सरकार से किया आगाह

ByIcndesk

Jan 15, 2024

Report By: Ankit Srivastav (ICN Network)

पिछले कुछ दिनों से भारत-मालदीव विवाद चर्चा में बना हुआ है। जिसके चलते विपक्ष लगातार मोदी सरकार पर हमलावर है। इसी क्रम में कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भारत-मालदीव विवाद और उत्तर बनाम दक्षिण को लेकर चर्चा करते हुए कहा कि मालदीव हमेशा से भारत विरोधी नहीं रहा है। ऐसे कई नेता हुए हैं, जो भारत समर्थक थे। मालदीव हर कुछ वर्षों में अपनी सरकार बदलता है, इसलिए हम उनसे नीतियों पर पुनर्विचार की उम्मीद कर सकते हैं। हमने कई बार मालदीव की मदद की है। जब वे भारी जल संकट का सामना कर रहे थे, तब भी हमने उन्हें पीने का पानी उपलब्ध कराया था, यहां तक कि उस समय सत्ता में मौजूद पार्टी द्वारा हमारे खिलाफ “इंडिया आउट” अभियान भी चलाया जा रहा था। हमें फल की चिंता किए बिना सही काम करना चाहिए, श्रीमद्भगवत गीता हमें यही सिखाती है। हमें एक छोटे पड़ोसी की संवेदनाओं को समझना और उनका सम्मान करना चाहिए।

मालदीव में 100 फीसदी मुसलमान
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने आगे कहा कि मालदीव में 100 फीसदी मुसलमान हैं, लेकिन सच तो ये है कि पाकिस्तान का वहां कोई खास प्रभाव नहीं रहा है। लेकिन हमारा प्रभाव ऐतिहासिक रूप से बहुत अधिक रहा है। ऐतिहासिक रूप से छोटे पड़ोसियों को हमेशा बड़े पड़ोसियों से समस्या रही है। वे हमारे अस्तित्व के प्रति उदासीन और भारत के महत्व से अनभिज्ञ नहीं हो सकते। हम अपनी नीतियों का काफी परिपक्वता के साथ संचालन कर रहे हैं। हमें न तो वहां के वर्तमान नेता के हारने पर बहुत अधिक खुशी दिखानी चाहिए और न ही उसके दोबारा जीतने पर बहुत अधिक निंदा करनी चाहिए।

चीन से बढ़ती करीबी
थरूर ने आगे ये भी कहा कि लेकिन हमें मालदीव की वर्तमान सरकार की चीन से बढ़ती करीबियों पर पैनी नजर रखनी होगी। मालदीव हमारे सभी पड़ोसी देशों में अपना प्रभाव बढ़ा रहा है। हमारी सरकार को उन खतरों के प्रति अलर्ट रहना चाहिए जो इसका प्रतिनिधित्व करते हैं। हालिया सोशल मीडिया विवाद दुर्भाग्यपूर्ण था, मुझे नहीं लगता कि विदेश नीति सोशल मीडिया पर संचालित होनी चाहिए।

By Icndesk