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UK-बाबा रामदेव ने गणतंत्र दिवस की देशवासियों को दी शुभकामनाएं,मोदी सरकार की तारीफ की तो विपक्ष पर किये कटाक्ष

उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार पतंजलि योग पीठ में योग गुरु बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने 75 वे गणतंत्र दिवस के मौके पर भारत की आन बान और शान राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रामदेव के अनुयायी पतंजलि का स्टाफ और स्कूली छात्र छात्राएं मौजूद रहे इस दौरान कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए बाबा रामदेव ने सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी वही बाबा रामदेव ने केंद्र की मोदी सरकार की तारीफ की तो विपक्ष पर कई कटाक्ष किए।

योग गुरु बाबा रामदेव ने 75वें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहां की देश ने इस 75 वर्ष में बहुत कुछ प्राप्त किया है आगे भी हमें बहुत कुछ प्राप्त करना है हम अपनी सांस्कृतिक विरासत के साथ देश के संविधान को सर्वोपरि मानकर सब प्रकार के भेदभाव से मुक्त होकर एकता के सूत्र में बंदकर राष्ट्र को नए शिखर पर लेकर जा रहे हैं हमने राजनीतिक आजादी तो बहुत पहले प्राप्त कर ली थी मगर अब आर्थिक और शिक्षा चिकित्सा की आजादी प्राप्त करने के लिए कुछ बड़े संकल्प की आवश्यकता है इसलिए मैं देश के लोगों का आवाहन करूंगा कि आओ अब मेखाले की शिक्षा पद्धति का बहिष्कार करें विदेशी चिकित्सा और अर्थव्यवस्था का बहिष्कार करो और स्वदेशी को आगे बढ़ाओ इस देश के प्रधानमंत्री ने जो 2047 तक भारत को विकसित करने का सपना देखा है वह 2037 तक ही पूरा कर लेंगे

बिहार की राजनीतिक एक बार फिर से गर्म हो गई है मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा जिस तरह से बयान दिए जा रहे हैं उसे लगता है फिर से नीतीश कुमार गठबंधन तोड़ने वाले हैं इसको लेकर स्वामी रामदेव का कहना है कि नीतीश कुमार भी राष्ट्र की मूल धारा में बहेगे तभी उनका राजनीतिक भविष्य सुरक्षित रहेगा देश में राजनीतिक स्थिरता के लिए जितने भी देश के राष्ट्रभक्ति नेता और देश की राष्ट्रवादी पार्टियों है उनको एकजुट होकर एक बड़ी भूमिका देश के लिए निभानी चाहिए

इंडिया गठबंधन को लेकर स्वामी रामदेव का कहना है कि लोकसभा 2024 चुनाव से पहले इंडिया गठबंधन में क्या उठक पुठक होगी यह मैं नहीं जानता लेकिन इतनी बात जरुर जानता हूं कि अब देश में एकता का एक नया स्वर उठा है किसी भी जाति के बंटवारे की राजनीति नहीं चलेगी देश में एकता की राजनीति आ रही है

उत्तराखंड सरकार द्वारा समान नागरिकता कानून का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है जल्द ही इसे विधानसभा में लाया जाएगा इसको लेकर स्वामी रामदेव का कहना है कि देश में किसी ने नहीं सोचा था कि कश्मीर से 370 धारा हटेगी राम मंदिर का निर्माण होगा अब समान नागरिकता और जनसंख्या नियंत्रण कानून की बात हो रही है मुझे लगता है देश में जल्द ही यह कानून बनने वाले और उत्तराखंड पहला राज्य बनेगा जहां पर समान नागरिकता कानून लागू होगा इसे देश में एकता का नया स्वर उठेगा

ज्ञानवापी मंदिर में एएसआई द्वारा किए गए सर्वे की रिपोर्ट दोनों पक्षों को दी जानी है जहां मुस्लिम पक्ष इसे सर्वजीत न करने की बात कर रहा है तो वही हिंदू पक्ष इस रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की बात कर रहा है इसको लेकर स्वामी रामदेव का कहना है कि यह ऐतिहासिक तथ्य है कि हमारे कई मंदिरों को तोड़कर मस्जिद बनाई गई है इसको मुस्लिम समाज भी मानता है मुझे ऐसा लगता है कि कोर्ट कचहरी न जाकर मुस्लिम समाज के लोगों को प्रेम पूर्व की हमें इन मंदिरों को दे देना चाहिए इस देश में प्रेम भावना का एक नया कीर्तिमान बनेगा

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}