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UK-हरिद्वार पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी एक किलो चरस के साथ तीन गिरफ्तार ,पकड़े गए एक का मर्चेंट नेवी में सलेक्शन दो ग्राफिक एरा के छात्र

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सख्त दिशा निर्देश दिए गए हैं कि उत्तराखंड को 2025 तक नशा मुक्त किया जाए इसको लेकर धर्मनगर हरिद्वार में पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है हरिद्वार श्यामपुर थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है चेकिंग के दौरान पुलिस द्वारा i20 कार को रोका गया जिसमें एक किलो चरस बरामद की गई साथ ही तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया पकड़े गए

आरोपियों में से एक का सिलेक्शन मर्चेंट नेवी में हुआ है और दो आरोपी देराहदून में ग्राफिक एरा के सेकेंड ईयर के छात्र है इनके द्वारा चरण को हल्द्वानी से लाया जा रहा थाएसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल का कहना है कि चंडीगढ़ चौकी पर चेकिंग के दौरान एक i20 कार को रोका गया जिसमें तीन लोग सवार थे चेकिंग के दौरान कर से एक किलो चरस बरामद की गई इन छात्रों द्वारा देराहदून में ग्राफिक एरा में चरस को बेचा जाना था

पकड़े गए आरोपियों में से एक का मर्चेंट नेवी में सिलेक्शन हुआ है इसका हमारे द्वारा पता किया जा रहा है और दो आरोपी देराहदून में ग्राफिक एरा के सेकेंड ईयर के छात्र है इनके द्वारा चरस को हल्द्वानी से लाया गया है हमारे द्वारा जांच की जा रही है किन लोगों को इन छात्रों द्वारा चरस बेचा जाना था जल्द ही इस मामले में और भी गिरफ्तारी की जाएगी

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}