• Thu. Sep 24th, 2026

India Core News | Read Latest Trending News..

आपका इंडिया आपकी न्यूज़

दिल्ली: सीबीएसई की अनोखी पहल, 4 से 11 दिसंबर तक मनाया जाएगा भारतीय भाषा उत्सव

सीबीएसई के प्रोफेसर एवं निदेशक (शिक्षाविद्या) डॉ. प्रग्या एम. सिंह ने बताया कि यह उत्सव भाषाओं के माध्यम से छात्रों में सांस्कृतिक समझ बढ़ाएगा। ऐसे में स्कूलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रतियोगिताएं और शैक्षिक गतिविधियां आयोजित की जाएगी। इनसे छात्र भारतीय भाषाओं और साहित्य की सराहना करेंगे।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 4 से 11 दिसंबर तक सभी संबद्ध स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे भारतीय भाषा उत्सव मनाएं। सात दिनों तक चलने वाला यह उत्सव महाकवि सुब्रामण्या भारती की जयंती पर आयोजित होगा। वहीं, इस साल की थीम ‘कई भाषाएं, एक भावना’ है। इसका उद्देश्य भारत की भाषाई विविधता को बढ़ावा देना और सभी भाषाओं में एकता का संदेश फैलाना है।

सीबीएसई के प्रोफेसर एवं निदेशक (शिक्षाविद्या) डॉ. प्रग्या एम. सिंह ने बताया कि यह उत्सव भाषाओं के माध्यम से छात्रों में सांस्कृतिक समझ बढ़ाएगा। ऐसे में स्कूलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रतियोगिताएं और शैक्षिक गतिविधियां आयोजित की जाएगी। इनसे छात्र भारतीय भाषाओं और साहित्य की सराहना करेंगे। साथ ही, एक भारत श्रेष्ठ भारत के तहत नई भाषा सीखेंगे और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करेंगे। स्कूल इन्हें अपनी सुविधा के अनुसार बदल सकते हैं। इसके अलावा डॉ. सिंह ने बताया कि यह उत्सव छात्रों को बहुभाषी समाज बनाने की दिशा में प्रेरित करेगा। साथ ही, स्कूलों को निर्देश है कि वे संलग्न अवधारणा नोट और सुझाई गई गतिविधियों का उपयोग करें।

यह आयोजन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप है जो भाषाई सद्भाव पर जोर देती है। उत्सव के सात दिनों के लिए अलग-अलग थीम रखी गई हैं। ऐसे में पहले दिन 4 दिसंबर को भाषा वृक्ष प्रदर्शनी और भाषा विरासत दीवार, दूसरे दिन 5 दिसंबर को भाषाओं में कविता व संगीत होगा। तीसरे दिन 6 दिसंबर को कई जुबान के त्योहार व भाषा पॉडकास्ट का आयोजन किया जाएगा। चौथे दिन 8 दिसंबर को कहावतों में एकता व भाषा मित्र सहयोग कार्यक्रम होगा। पांचवें दिन 9 दिसंबर को भाषा बंधु पत्र व बहुभाषी कहानी शृंखला, छठे दिन 10 दिसंबर को भाषा अन्वेषण क्लब और सातवें दिन इंटरएक्टिव भाषा मेला और भाषा थिएटर प्रदर्शन थीम के आयोजन संपन्न होगा। जो छात्रों को सीखने का अवसर देगा।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )