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UP-वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकार्ड के लंदन कार्यालय मे बहराइच के लाल को किया गया सम्मानित

यूपी के बहराइच जिले के रहने वाले सर्वेश पाठक को लंदल के वर्ल्ड बुक ऑफ रिकार्ड कार्यालय मे सम्मानित किया गया है. जिसे सुनकर बहराइच वासियों मे ख़ुशी की लहर है।शहर के नईबस्ती बक्शीपुर निवासी भारतीय जनता पार्टी अनुषंगिक संगठन के राष्ट्रीय महासचिव सर्वेश पाठक को वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकार्ड लंदन के कार्यालय में सम्मानित किया गया है। सम्मान मिलने पर लोगों में खुशी की लहर है।शहर के मोहल्ला नईबस्ती निवासी सर्वेश पाठक समाजसेवा का कार्य करते हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता के रूप में मंडल से लेकर विभाग प्रमुख के पदों पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में कार्य करते हुए कार्य कुशलता को देखते हुए संगठन ने बड़ी जिम्मेदारियां देते हुए बजरंग दल के कमिश्नरी पद के लिए चयन किया।भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा में जिला मंत्री से लेकर राष्ट्रीय मंत्री स्टडी सर्किल युवा मोर्चा भारतीय श्रमिक कामगार कर्माचारी महासंघ में राष्ट्रीय सचिव व राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी मिल गई।

जनहित विषयों को उठाना राज्य से लेकर केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंच कर उनको न्याय दिलाने के साथ युवाओं को टोली बनाकर हर मुसीबत से निपटने के लिए नई-नई योजनाओं पर चर्चा करके कार्य करने का फल मिला है।
बेहतर कार्य और श्रमिकों के लिए किए गए अच्छे कार्य को देखते हुए उन्हें शनिवार को वर्ड बुक ऑफ लंदन के कार्यालय में वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के अध्यक्ष संतोष शुक्ला ने सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि मुझे बहुत गर्व है कि आज मैं सबसे कम उम्र के व्यक्ति को सम्मानित कर रहा हूं। उनके सम्मान मिलने पर जिले के साथ गोंडा और लखनऊ के लोगों ने हर्ष जताया है।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}