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UP-वृंदावन में सीएम बोले:जो अयोध्या जाने से संकोच करते थे, अब कहते हैं हमें निमत्रंण नहीं मिला

हिंदूवादी नेता और वात्सल्य ग्राम की अधिष्ठात्री साध्वी ऋतंभरा का 1 जनवरी यानी आज जन्म दिवस है। साध्वी ऋतंभरा के शिष्य और अनुयायी जन्मोत्सव को भव्य तरीके से मनाते हैं। इस बार साध्वी ऋतंभरा के 60 वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में षष्टी पूर्ति महोत्सव मनाया जा रहा है। 3 दिवसीय इस महोत्सव के अंतिम दिन जगद्गुरु रामभद्राचार्य, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, CM योगी आदित्यनाथ के अलावा योग गुरु बाबा रामदेव, आचार्य बाल कृष्ण कार्यक्रम में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, ” जो लोग अयोध्या जाने से संकोच करते थे। वह अब कह रहे हैं कि हमें निमंत्रण नहीं मिला। जनता जानती है सच क्या है। उन्हें ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है। अब संघर्ष से नहीं संवाद से हल निकलेगा। हर नागरिक का ये संकल्प होना चाहिए कि 2047 तक देश को विकसित भारत बनाने में सहयोग करे। उन्होंने कहा, “हम कहते थे कि हर स्वाबलंबी अयोध्या की तरफ जय श्री राम का हुंकार कर देगा तो समस्या खत्म हो जाएगी। वैसा ही हुआ। 22 जनवरी के बाद अयोध्या धाम को देखिए त्रेता युग याद आ जाएगा। हजारों साल पहले भगवान राम पुष्पक विमान से आए थे। अब वहां इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन गया। अयोध्या के पास 5,6 स्टेशन बनाए जा रहे हैं। रेल मार्ग, सड़क मार्ग, वायु मार्ग से जोड़ दिया। अब जल मार्ग से जोड़ने पर काम चल रहा है। 140 करोड़ भारतवासी जब नेशन फर्स्ट के भाव से काम करेंगे तो कोई ताकत हमें नहीं झुका सकती।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “साल के पहले दिन साधु संतों का आशीर्वाद मिलना बड़ा सौभाग्य की बात है। राम मंदिर आंदोलन में दीदी मां साध्वी रितंभरा का अहम योगदान था। समाज को ही दीदी ने परिवार मान लिया है। हमारे देश के ऋषियों ने पूरी धरा पर रहने वाले समाज को परिवार माना है। जिस क्षेत्र में कान्हा रहते हैं वहां तो दिव्यता रहेगी ही रहेगी। कृष्ण वह हैं जो आपको आकर्षित करता है, कृष्ण के नाम में ही सुख है। इसलिए कृष्ण की इस नगरी में मेरा मन प्रसन्न है। वृंदावन में विदेशी दर्शन करते हैं और रम जाते हैं अधिकांश यहां बस जाते हैं। यहां शांति की अनुभूति होती है। उन्हें भगवान कृष्ण और राधा रानी की भक्ति करके वृंदावन में शांति मिलती है। यहां रिक्शा वाला भी राधे राधे बोलता है। राधे राधे बोलने वाले लोग मिलेंगे तो वह वृंदावन में ही मिलेंगे। यहां चाय पीना हो, पान खाना हो, कचौड़ी खानी हो सब जगह राधे राधे बोलते यहां के निवासी मिलेंगे। राधे-राधे उनके जीवन में बसा है। यह यहीं संभव है। यहां सैनिक स्कूल मैने नहीं वह राधा कृष्ण के आदेश से खुला है। दीदी मां से अनुरोध है कि जो स्वामी परमानंद ने आदेश दिया है उसको पूरा करें।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )