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UP-बदायूं में सीएम योगी ने बायो बेस्ट प्लांट का किया उद्घाटन, करोड़ों की योजनाओं का किया शिलान्यास

बदायूं में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे उन्होंने कहा कि सबसे पहले उत्तर प्रदेश की धरती पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का स्वागत करता हूं जनपद बदायूं के विधानसभा दातागंज के ग्राम सैजनी में एचपीसीएल बायोगैस प्लांट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को धरातल पर उतर कर एक नई शुरुआत की है वही साथ ही साथ किसानों की आमदनी बढ़ाने युवाओं को रोजगार मिलेगा और पर्यावरण की रक्षा का भी नया संदेश दे रहा है ।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री समेत केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह ने प्लांट का उद्घाटन किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बदायूं के लोगों को मैं बधाई देता हूं और शुभकामनाएं भी देता हूं यहां की रामराज अभी 22 जनवरी को प्रधानमंत्री के कर्मलों से अयोध्या में 500 साल का बनवास समाप्त हुआ है

प्रभु श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम आपने देखा होगा सभी को अच्छा लगा होगा जब सरकारी अच्छी होती है तो आस्था का सम्मान करती है और जन्म विश्वास पर खडा उतरने के लिए लोग भावनाओं का ख्याल रखती है बदायूं के साथ जौनपुर अमेठी सीतापुर फतेहपुर बहराइच बरेली बैक कन्नौज में भी नए प्लांट बनेंगे एक प्लाट पर 50 एकड़ जमीन चाहिए डेढ़ सौ करोड़ का निवेश भी होगा जब प्लांट बनेगा तो नौजवानों को नौकरी भी मिलेगी और किसने की आजीविका में वृद्धि होगी यहां 14 मेट्रिक टन कंपिरेसट बायोगैस बनाएगी 65 मेट्रिक टन कंपोस्ट बनेगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 8 प्लांट काम करने लगेंगे तो 17000 एकड़ खेती की समस्या का समाधान भी करेंगे किडनी फेल हो रही है लीगल फेल हो रहे हैं गैस की बीमारियां आ रही है इसका समाधान जैविक खेती से होगा ।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इन 7 सालों में एक भी दंगा नहीं हुआ पहले प्रदेश में लोग नहीं आते थे बेटी बहने स्कूल नहीं जा पाती थी प्रदेश में दंगे होते थे पहचान और सुरक्षा का संकट था और प्रदेश में दंगे गुंडागर्दी नहीं होगी जो पहले दंगा प्रदेश था अब वह उत्तर प्रदेश बन गया है

सीएम योगी ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे बनने जा रहा है प्रयास है कि इस साल के अंत तक बने बदायूं से लखनऊ की दूरी 3 घंटे की रह जाएगी 4:30 घंटे में प्रयागराज की दूरी तय करेंगे दिल्ली में 3 घंटे में जाएंगे यह सुविधा सभी विधानसभा क्षेत्र में है सभी जगह पर कनेक्टिविटी के काम हो रहे हैं अच्छी सड़के बना रही है किसानों के लिए नई चीज विकसित की जा रही हैसीएम ने कहा परली किसानों को बढ़ाएगी आमदनी कहां की अन्य जिलों में जहां प्लांट का लोकापन है वहां के विधायक सांसद मंत्री कर रहे हैं जैसे बदायूं में फंक्शन किया है वैसा ही फंक्शन अगले साल वहां के विधायक करेंगे पराली को जलाया जाता था परली किसानों के आमदनी के माध्यम बनेगा गोबर का भी दाम मिलेगा बीच 25 से 30 किलो गोबर किस देगा नौजवानों को नौकरियां मिलेंगीइन योजनाओं का शिलान्यास लोकार्पण इस दौरान सीएम ने 424229.31 की 44 परियोजना का शिलान्यास लोकार्पण कियाबदायूं में सीएम ने सबसे पहले भारत माता की जय और वंदे मातरम के साथ जय श्री राम का नारा लगाया कई बदायूं के दातागंज विधानसभा क्षेत्र में भारत सरकार की तेल कंपनी एचपीसीएल के तत्वाधान में आयोजित बायोगैस प्लांट के उद्घाटन कार्यक्रम में जिसका मुख्य दर्शन अभी बदायूं बसियों को मिला है

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}