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UP-लखीमपुर खीरी में रेडक्रॉस द्वारा निर्बल थारू महिलाओं को बाटी गई शीतलहर राहत सामग्री,महिलाओं ने किया संस्था का धन्यवाद

इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी राज्य शाखा लखनऊ उत्तर प्रदेश महासचिव डॉ हिमाबिन्दु नायक के प्रोत्साहन से इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी लखीमपुर खीरी द्वारा शीतलहर के चलते थारू जनजाति क्षेत्र चंदन चौकी के ग्राम गुबरौला में आज शीतलहर राहत सामग्री का वितरण किया गया ।

रेडक्रॉस राहत सामग्री वाहन को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से मुख्य चिकित्साधिकारी व अन्य उपस्थित अधिकारी द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया ।
कार्यक्रम में 100 से अधिक थारू महिलाओं को ब्लैंकेट, हाइजीन किट, कैल्शियम D3 टेबलेट्स तथा तारपोलिन (त्रिपाल) वितरित किये गए, कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्वारा नारी शक्ति सम्मान से सम्मानित थारू महिला आरती राणा जो कि हैंडलूम एवम हैंड क्रॉफ्ट के व्यवसाय द्वारा थारू जनजाति की निर्बल महिलाओं को सशक्त बना रही उन्हें सम्मानित किया गया तथा उनके समूह की महिलाओं को राहत सामग्री भेंट की गई।

कड़कड़ाती ठंड के विषम मौसम में रेडक्रॉस खीरी टीम ने अपूर्व जज़्बा दिखाते हुए राहत सामग्री वितरण का भव्य कार्यक्रम किया, इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से डा रविंद्र शर्मा सभापति इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी लखीमपुर खीरी, डा रविंद्र नाथ उपसभापति रेडक्रॉस खीरी एवम आरती श्रीवास्तव सचिव रेडक्रॉस खीरी द्वारा कठिन प्रयासों से कार्यक्रम को सफल बनाया गया।
कार्यक्रम में डा रविंद्र शर्मा, डा रविंद्र नाथ, आरती श्रीवास्तव, सुमन त्यागी, आचार्य श्री व्रत (तक्षशिला), डा रामेश्वर माहेश्वरी, अनुराग सक्सेना, सुनीता सिंह, बबिता सक्सेना, वीरेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह, अमर नाथ शुक्ला, शुभम सिंह , मनोज श्रीवास्तव, रमेश गुप्ता, नारायण सेठ, प्रशांत सिंह आदि की महती भूमिका रही।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}