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UP-लखीमपुर खीरी पहुंचे मत्स्य मंत्री संजय निषाद,इंडिया गठबंधन पर जमकर साधा निशाना

यूपी के लखीमपुर खीरी तहसील धौरहरा क्षेत्र के शारदा नदी के ऐरा पुल पर मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत रिवर रैंचिंग एवं जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री मत्स्य विभाग डॉ. संजय कुमार निषाद (निषाद पार्टी) की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ । कार्यक्रम के दौरान उपस्थित निषाद समुदाय और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री ने मत्स्य विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न प्रकार की योजनाओं की जानकारी दी ।

रविवार को शारदा नदी के ऐरा पुल पर मत्स्य विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने रिवर रैंचिंग कार्यक्रम के तहत शारदा नदी में विभिन्न प्रकार के 50 हजार मत्स्य बीज डालकर उपस्थित जनसमुदाय को जागरूक किया ।

मंत्री में अपने उद्बोधन में बताया कि प्रदेश सरकार मत्स्य पालन गतिविधियोँ में लिप्त व्यक्तियों के लिए व मछुआ समुदाय के व्यक्तियों के आर्थिक, सामाजिक उत्थान के लिए निरंतर प्रयासरत है जिसके तहत दो नई योजनाएं निषाद राज बोट योजना एवं मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत लागत पर 40 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है । कार्यक्रम के दौरान अनुराग मिश्रा,प्रेमसागर वर्मा,रामप्रताप भार्गव,दीपक यादव, लक्ष्मी नारायण निषाद,अच्छेलाल निषाद,लालबहादुर निषाद,सोने लाल निषाद,राजकुमार राजपूत सहित सैकड़ों की संख्या में जनसमुदाय उपस्थित रहा ।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}