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UP-इतिहास में पहली बार कुम्हारों ने साल में दो बार मनाई दीवाली , दिए की बढ़ी डिमांड

यूपी के अयोध्या में 22 जनवरी को भगवान प्रभु श्री राम 500 वर्षों बाद अपने मंदिर में विराजमान होंगे जिसका उत्सव पूरे देश में मनाया जाएगा हर घर दीपक जलाए जाएंगे और इन सभी चीजों की तैयारी किस वक्त जोर-जोर से चल रही है। श्री राम मंदिर उत्सव के चलते अचानक मिट्टी के दीयों की मांग भी बढ़ गई है जिसकी वजह से कुम्हारों का चाक रात दिन घूम रहा है।वैसे तो कुम्हार केवल दीपावली पर ही मिट्टी के दीए बनाते हैं लेकिन यह पहली बार हो रहा है कि दीपावली पर्व के अलावा भी कुम्हार इन दोनों मिट्टी के दीए बनाने में व्यस्त है।कुम्हारों का कहना है कि भगवान श्री राम की कृपा से इस वर्ष दो बार दीपावली आई है जिसकी वजह से उनके मिट्टी के दिए भी खूब बिक रहे हैं और उन्हें मुनाफा हो रहा है।

कुम्हार रमेश चंद्र का कहना है कि 22 जनवरी का दिन बेहद ऐतिहासिक दिन होगा और हर घर दीपक जलाए जाएंगे जिसके लिए उनके पास मिट्टी के दिए खरीदने के लिए तमाम ग्राहकों ने एडवांस में ही पैसे दे रखे हैं। पिछले कई दिनों से धूप न निकलने की वजह से मिट्टी के दीए बनाने में कठिनाई आ रही है किंतु वह बेहद खुश हैं क्योंकि इस वर्ष दो बार दीपावली आई है और उनके मिट्टी के दिए खूब बिक रहे हैं और उन्हें मुनाफा हो रहा है उन्होंने कहा कि यह सब भगवान राम की कृपा है।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}