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Up- तीसरी बार विपक्ष एक जुट,पर रोक नहीं पाएंगे, साल 2024 के चुनाव में यूपी से 80 सीट जीतेगी,500 साल बाद राम लला घर में रहेंगे

यूपी के कौशांबी प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कौशांबी में बड़ा बयान देते हुए कहा है कि रामलाल 500 साल बाद घर में रहेंगे। साल 2024 में तीसरी बार विपक्ष एक हो रहा है लेकिन बीजेपी को रोक नहीं पाएंगे।

डिप्टी सीएम मंगलवार को अटसराय गांव के चौपाल में शिरकत करने पहुंचे थे। डिप्टी सीएम केशव मौर्य दोपहर 12 बजे हवाई मार्ग से सायरा स्थित मां शीतला गेस्ट हाउस पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले महापुरुषों की प्रतिमा पर पुष्पांजलि की। इसके बाद जनसुनवाई में जनता की समस्या से सीधे रूबरू हुए। समस्या के निस्तारण के लिए अफसरों को निर्देश दिया।

डिप्टी सीएम केशव मौर्या अटसराय गाव पहुंचे। यहां उन्होंने भाजपा सरकार में आम जन समुदाय के लिए गए काम को गिनाया। डिप्टी सीएम के मुताबिक, 2 लाख 16 हजार 800 किसानों को सम्मान निधि दी। हर जल नल योजना से लोगो के घरों में पानी पहुंचाया। कौशांबी सहित प्रदेश में 300 मेडिकल कालेज बना कर स्वास्थ्य सेवा बेहतर कर रहे है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया विपक्ष तीसरी बार एग्जिट हो रहा है। 2014 में एकजुट हुए तो 73 सीट जीती, 2019 में 63 सीट जीते, प्रदेश में मौजूदा समय में 66 सांसद है। साल 2024 के चुनाव में 80 में 80 सीट भाजपा जीतने वाली है। राम मंदिर पर बयान देते हुए उन्होंने कहा कि 500 साल बाद राम लला अपने घर में रहेंगे।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}