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UP-शाहजहांपुर के डीएम उमेश प्रताप सिंह ने नारकोटिक्स विभाग की ली बैठक

यूपी के शाहजहांपुर के जिलाधिकारी श्री उमेश प्रताप सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में नारकोटिक्स विभाग की बैठक संपन्न हुई। जिलाधिकारी ने ड्रग इंस्पेक्टर, आबकारी अधिकारी, समाज कल्याण विभाग तथा आईबी द्वारा की गयी कार्यवाही की समीक्षा की। उन्होने जनपद मे अवैध रूप से नशे का करोबार करने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश संबधित अधिकारियों को दिये।
औषधी निरीक्षक द्वारा जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि टीम द्वारा निरन्तर छापेमारी कर कार्यवाही की जा रही है।

गत माह में भी सूचना मिलने पर मेडिकल स्टोर्स पर छापेमारी कर लाइसेंस निरस्त करवाने हेतु पत्र प्रेषित कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि मेडिकल कलेज, सहित अन्य विद्यालयों में अभियान चलाकर प्रतिबंधित दवाईयों का सेवन करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही की जाये। आबकारी अधिकारी श्री उदय प्रकाश ने जानकारी देते हुये बताया कि औचक रूप से छापेमारी कर कार्यवाही की जा रही, जनपद मे कई स्थानों पर लहन आदि को नष्ट करावाया गया है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि ड्रोन द्वारा लहन, कच्ची शराब बनाये जाने के स्थानों को चिन्हित कर मैपिग करते हुये कार्यवाही की जाये। उन्होने सर्वेलाइन्स भी बढ़ाने के भी निर्देश दिये। समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में निरन्तर नशे के दुष्प्रभाव तथा नशे से बचने हेतु अभियान चलाकर प्रचार प्रसार किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने डीआईओएस को निर्देश दिये कि स्कूलों एवं कालेजों में विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किए जाए एवं छात्रों को नशे के दुष्प्रभाव के विषय में जानकारी दी जाये। इसके साथ ही बैनर, पोस्टर आदि के माध्यम से भी आम जनमानस को जागरूक किए जाने हेतु निर्देशित किया।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री अशोक कुमार मीणा, डीएफओं श्री प्रखर गुप्ता, अपर जिलाधिकारी प्रशासन श्री संजय कुमार पाण्डेय, संहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}