जल्दी खत्म करें ध्रुवीकरण, करें शांतिपूर्ण संवाद: दिल्ली में CJP का पुलिस पर आरोप
दिल्ली के जंतर मंतर पर सोमवार को फिर से प्रदर्शन शुरू हो गया, जहाँ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर पलट बंदूकें चलाने का आरोप लगाया। यह आरोप ऐसे समय में सामने आया है जब देश में प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के प्रबंधन को लेकर गहमागहमी बढ़ रही है। CJP ने दावा किया है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग करते हुए गैर-घातक हथियारों की श्रेणी में आने वाली पलट गनों का इस्तेमाल किया। इस प्रकार की हथियारों में रबर या प्लास्टिक के छोटे-छोटे गोले होते हैं, जो निकट दूरी से सीधे संवेदनशील अंगों जैसे आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। जम्मू-कश्मीर में भी इनका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए किया जाता रहा है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों ने “बड़ी संख्या में हिंसा” की और सार्वजनिक संपत्ति को क्षतिग्रस्त किया। पुलिस ने दिन के समय प्रदर्शन स्थल को खाली कराया और मंच को हटा दिया जहाँ आयोजक जनता को संबोधित कर रहे थे। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के विरुद्ध असंतोष व्यक्त करते हुए यह प्रदर्शन प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गलत प्रबंधन को लेकर तत्काल इस्तीफे की मांग पर केंद्रित है। घटनाक्रम और स्वास्थ्य स्थितियाँ:प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना
- प्रचार अभियान के प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया पर दो व्यक्तियों के घायल होने के वीडियो साझा किए, जो पुलिस की कार्रवाई के दौरान हुए। उन्होंने इसे “दिल्ली पुलिस की बढ़ी हुई गुंडागर्दी” बताते हुए कहा कि peaceful प्रदर्शनकारियों पर पलट गनों का उपयोग किया गया।
- यह घटना उस समय हुई जब मानसून सत्र की शुरुआत के मौके पर प्रदर्शनकारियों की संसद की ओर मार्च जारी थी।

