गत कुछ दिनों से जारी निरंतर मोंसून की बारिश के कारण मुंबई के जल भंडार में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। मोडक सागर जलाशय अपने पूरे जलस्तर से ऊपर बह रहा है, जबकि तानसा, विहार और तुलसी तालाब पूरी क्षमता तक भर चुके हैं। इस स्थिति से शहर की जल आपूर्ति में बड़ी राहत मिली है।
मोडक सागर, जो मुंबई को पेयजल प्रदान करने वाले सात जलाशयों में से एक है, अपने जल क्षेत्र में अत्यधिक वर्षा के कारण जलस्तर से ऊपर बहने लगा है। यह वृद्धि मुंबई के जलाशय प्रणाली में जमा पानी की मात्रा में लगातार सुधार का परिणाम है।
तानसा, विहार और तुलसी जलाशयों के पूरे क्षमता तक पहुंचने से कुल मिलाकर मुंबई के जल भंडार में काफी इजाफा हुआ है, जिससे आगामी महीनों में शहर की पेयजल आपूर्ति की चिंता कम हुई है।
नगरपालिका अधिकारियों ने बताया कि पिछले कई दिनों से जलाशयों के जल क्षेत्र में निरंतर हो रही बारिश के कारण जलस्तर में यह उल्लेखनीय वृद्धि संभव हुई है। इस बेहतर भंडारण से मुम्बई की जल सुरक्षा मोंसून के बाकी दिनों में और अधिक मजबूत होगी।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। इसका प्रभाव जलाशयों के जल स्तर और प्रवाह पर नजर रखने के लिए अधिकारियों को सतर्क बनाए हुए है। वहीं, कम ऊंचाई वाले इलाकों के निवासियों को भी intermittent भारी बारिश के कारण सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मुंबई को पेयजल सात जलाशयों द्वारा प्रदान किया जाता है – भाटसा, अपर वैतर्ना, मिडल वैतर्ना, मोडक सागर, तानसा, विहार और तुलसी – जो शहर की दैनिक जल आवश्यकताओं की पूर्ति करते हैं।