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यूपी: जल योद्धा पद्मश्री उमाशंकर पांडे को मिली डी. लिट् की मानद उपाधि


बांदा | जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने वाले जनपद बांदा के जल योद्धा और पद्मश्री से सम्मानित उमाशंकर पांडे को मध्य प्रदेश के महामहिम राज्यपाल एवं आईईएस विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मंगुभाई पटेल द्वारा डॉक्टरेट ऑफ लिटरेचर (डी.लिट) की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके वर्षों से चले आ रहे परंपरागत, देहाती और जमीनी जल संरक्षण प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।

सम्मान मिलने के बाद उमाशंकर पांडे ने कहा कि उन्होंने कभी किसी विश्वविद्यालय में औपचारिक शिक्षा प्राप्त नहीं की, लेकिन “वरुण देवता की कृपा” से उन्हें मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त हुई। उन्होंने कहा, “मैंने जल संरक्षण के क्षेत्र में समुद्र में एक बूंद बचाने जैसा छोटा सा प्रयास किया। अंधेरे को कोसने के बजाय मिट्टी का एक छोटा दीपक जलाने की कोशिश की। इस राह में मुझे अपमान, निंदा और आलोचना भी झेलनी पड़ी, लेकिन अनेक मित्रों और सहयोगियों ने दिल खोलकर साथ दिया।”
उन्होंने अपनी मां के शब्दों को याद करते हुए कहा कि मां का सपना था कि उनका बेटा पढ़-लिखकर डॉक्टर बने। परिस्थितियों के कारण यह सपना पूरा नहीं हो पाया, लेकिन आज संविधान और समाज की स्वीकृति से महामहिम राज्यपाल के हाथों मिली इस उपाधि ने मां का वचन पूरा कर दिया।
उमाशंकर पांडे ने बताया कि बचपन में उनकी शारीरिक दिव्यांगता और कम पढ़ा-लिखा होने को लेकर कई बार उनका उपहास उड़ाया गया, लेकिन आज वही समाज उनके छोटे से प्रयास को पहचान दे रहा है। उन्होंने कहा, “जो कुछ भी मिला है, वह ईश्वर की कृपा और माता-पिता के आशीर्वाद से मिला है। मुझे किसी से कोई शिकायत नहीं है। जिन्होंने भी किसी रूप में मेरी सहायता की, उनका मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।”
अंत में उन्होंने प्रार्थना की कि भविष्य में वे जल संरक्षण के क्षेत्र में और बेहतर कार्य कर सकें तथा समाज, राष्ट्र और प्रकृति के लिए उनका योगदान निरंतर बढ़ता रहे।
जल संरक्षण के क्षेत्र में उमाशंकर पांडे को मिली यह मानद उपाधि न केवल उनके संघर्ष और समर्पण की पहचान है, बल्कि उन लोगों के लिए भी प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद समाज परिवर्तन की दिशा में कार्य कर रहे हैं।

इस अवसर पर उमाशंकर पांडे ने भावुक होते हुए महामहिम राज्यपाल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। साथ ही उन्होंने आईईएस विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बी.एस. यादव का आभार जताते हुए कुलपति प्रो. डी.के. पांडे को साधुवाद दिया।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )