रेखा गुप्ता ने जीएसटी विभाग में किया व्यापक प्रशासनिक परिवर्तन
नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जीएसटी विभाग में हाल ही में सामने आई प्रशासनिक अनियमितताओं और लापरवाही को लेकर कड़ी कार्रवाई करते हुए विभाग में बड़े पैमाने पर तबादलों की घोषणा की है। यह कदम सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता व जवाबदेही को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
आठ अप्रैल को आईटीओ स्थित स्टेट जीएसटी कार्यालय के औचक निरीक्षण के दौरान कई अधिकारियों की अनुपस्थिति और प्रशासनिक खामियों का पता चला। मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए विभाग के तीन असिस्टेंट कमिश्नर सहित कुल 162 अधिकारियों और कर्मचारियों को स्थानांतरित किया गया है। यह परिवर्तन उन कर्मचारियों के लिए किया गया है जो पिछले तीन वर्षों से एक ही पद पर कार्यरत थे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि अनुशासन का दायरा केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कमिश्नर और स्पेशल कमिश्नर स्तर के अधिकारियों पर भी समान रूप से लागू किया जाएगा। उन्होंने बायोमेट्रिक उपस्थिति को अनिवार्य करते हुए, अनुपस्थित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि जनता को सेवाएं देने में कोई बाधा आती है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी पर होगी।
इस प्रशासनिक फेरबदल में ग्रेड-1 के 58 सेक्शन ऑफिसर, ग्रेड-2 के 22 असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर, ग्रेड-3 के 74 सीनियर असिस्टेंट तथा ग्रेड-4 के 5 जूनियर असिस्टेंट शामिल हैं। यह कार्रवाई साफ संदेश देती है कि सरकार भ्रष्टाचार और लापरवाही पर सख्ती से कार्यवाही कर सकती है।
मुख्यमंत्री का मानना है कि सरकार की प्राथमिकता पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है ताकि जनता को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे औचक निरीक्षण तथा कड़ी कार्रवाई जारी रखने का भरोसा दिया है। यह कदम दिल्ली सरकार की पारदर्शी व जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
–आईएएनएस
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