सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने 65 वर्षीय महिला के पेट से 10.6 किलो का ट्यूमर निकाला। महिला गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल स्ट्रोमल ट्यूमर से पीड़ित थी। सर्जरी 11 जुलाई को हुई और अब महिला की हालत में सुधार है। ट्यूमर छोटी आंत बड़ी आंत और अन्य अंगों से चिपका हुआ था। अस्पताल ने आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की।
सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने दुर्लभ कैंसर से पीड़ित एक 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला मरीज के पेट से 10.6 किलोग्राम का ट्यूमर निकाल कर नई जिंदगी दी। अस्पताल के सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने 11 जुलाई को छह घंटे में सर्जरी कर उस ट्यूमर को निकाला था।
अब उस बुजुर्ग महिला मरीज के स्वास्थ्य में सुधार है और खाना पीना शुरू कर दिया है। इसलिए 18 जुलाई को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी गई है।
क्या है गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल स्ट्रोमल ट्यूमर?
अस्पताल के सर्जरी विभाग की प्रोफेसर डॉ. शिवानी बी. परुथी ने बताया कि मरीज को गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल स्ट्रोमल ट्यूमर (जीआईएसटी) था, जो पेट का रेयर कैंसर है। यह ट्यूमर पाचन तंत्र से जुड़े आइसीसी (इंटरस्टीशियल सेल्स आफ काजल) से शुरू होता है।
ट्यूमर में भरा था दो किलोग्राम पानीट्यूमर
पेट के पूरे हिस्से में फैल चुका था और यह छोटी आंत, बड़ी आंत, यूरिनरी ब्लैडर सहित पेट में कई महत्वपूर्ण अंगों के साथ चिपका हुआ था। इसलिए उसे निकाल पाना चुनौतीपूर्ण था। उन्होंने बताया कि कई अस्पतालों में इलाज के लिए भटकने के बाद वह बुजुर्ग महिला मरीज सफदरजंग अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचीं।