पिछले अक्तूबर-2024 में गैंगस्टर सुंदर भाटी को इलाहाबाद हाई कोर्ट से जमानत मिली थी। जमानत मिलने के बाद वह सोनभद्र जेल से दिल्ली पहुंचा था। वर्तमान में वह दिल्ली में रहता है।
मामले पुलिस की ओर से आरोप पत्र दाखिल किए जाने के बाद बहस हुई। बचाव पक्ष ने कहा कि आरोपी अधिकतम सजा काट चुके हैं। वहीं अभियोजन पक्ष ने संगठित गिरोह आर्थिक और भौतिक लाभ के लिए दिनदहाड़े हत्या जैसी जघन्य वारदातें करता है। इसलिए अधिकतम सजा जरूरी है। कौन है सुंदर भाटी
दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सुंदर भाटी का 30 साल का आपराधिक साम्राज्य है। राजनीतिक गलियारों में अच्छी पैठ थी। पैठ भी ऐसी कि वह जेल में रहने के दौरान खेल प्रतियोगिता में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के साथ पुरस्कार बांटता था। जनवरी 2015 में उसका गौतमबुद्धनगर जिला जेल के अंदर से फोटो वायरल हुआ था, जिसे जेल के एक अधिकारी ने ही भेजा था। जरायम की दुनिया में आने से पहले वह सुदंर भाटी बुलंदशहर का ट्रांसपोर्ट ठेकेदार हुआ करता था।
इसी दौरान राजनेताओं से रिश्ते बढ़े तो राजनीतिक हत्याओं में हाथ आजमाने लगा। सुंदर की राजनीतिक महत्वाकांक्षा रही है। इसी बीच इसका साथी नरेश भाटी जिला पंचायत चेयरमैन बन गया। बाद में आरोप लगे थे कि सुंदर ने चेयरमैन नरेश भाटी की हत्या कर दी थी। उसके बाद सुंदर ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह ताबड़तोड़ वारदात करता रहा। उसको पहली बार सजा 2015 में सपा नेता व प्रधान हरेंद्र नागर हत्याकांड में ही हुई थी

