उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपीरेरा) ने सोमवार को प्रदेश के छह जिलों में 4100 करोड़ रुपये के 12 रियल एस्टेट परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन प्रोजेक्टों में 7100 से अधिक आवासीय और कॉमर्शियल इकाइयां बनेंगी।
उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपीरेरा) ने सोमवार को प्रदेश के छह जिलों में 4100 करोड़ रुपये के 12 रियल एस्टेट परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन प्रोजेक्टों में 7100 से अधिक आवासीय और कॉमर्शियल इकाइयां बनेंगी। इनमें सबसे अधिक निवेश गौतमबुद्ध नगर में होगा। यहां के तीन प्रोजेक्ट में 2460 करोड़ रुपये का निवेश होगा। जिससे 1,937 फ्लैट और दुकानों का निर्माण होगा। यूपी रेरा के अधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्ष यूपी में 84 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ था। कुल 308 प्रोजेक्टों का पंजीकरण हुआ था। वर्ष 2026 में भी बड़ी संख्या में प्रोजेक्टों के पंजीकरण की उम्मीद है। साल की शुरुआत 12 प्रोजेक्ट के साथ हुई है। यूपी रेरा ने 193वीं बैठक में 12 प्रोजेक्टों के पंजीकरण को मंजूरी दी है। जो प्रदेश के छह जिलों में हैं।
लखनऊ में 1091 करोड़ के 5 प्रोजेक्टों को मंजूरी दी है। यहां पर 3,569 फ्लैट और दुकानों का निर्माण होगा। मथुरा में 300 करोड़ के प्रोजेक्ट में 504 आवासीय यूनिटें बनेंगी। वहीं आगरा में भी 201 करोड़ के आवासीय प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है। जिसमें 949 फ्लैट बनेंगे। वहीं वाराणसी में 36.92 करोड़ के आवासीय प्रोजेक्ट में 80 फ्लैट और झांसी में 8.79 करोड़ के निवेश से एक प्रोजेक्ट में 108 फ्लैटों का निर्माण होगा। रेरा के चेयरमैन संजय भूसरेड्डी का कहना है कि निवेश से रोजगार और कारोबार भी मिलेगा। यूपी रेरा प्रोजेक्टाें के निर्माण पर निगरानी भी रखेगा।