यीडा के अधिकारी ने बताया कि ग्रेनो प्राधिकरण के साथ पूर्व में अलग-अलग समय पर वार्ता हो चुकी हैं। संयुक्त निरीक्षण भी कराए जा चुके हैं। अब इस सड़क को पूरा कैसे किया जाए? इसमें आ रही बाधाओं को भी खत्म किया जाना है? इसको लेकर संयुक्त रूप से योजना का क्रियान्वयन भी होना जरूरी है। इस सड़क के लिए जरूरी बजट खर्च पर भी दोनों प्राधिकरण आपसी सहमति बनाएंगे। इससे पहले यीडा एक प्रस्ताव एनएचएआई को भी इस 130 मीटर सड़क को लिंक रोड के रूप में बनाने के लिए भेज चुका है। यह सड़क एनएचएआई की ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे और प्रस्तावित खुर्जा-पलवल एक्सप्रेसवे को भी जोड़ेगी।
ग्रेनो प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि सिरसा में ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे के पास कुछ भाग में जमीन की दिक्कत है। यहां जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करने के अलावा एनएचएआई के सहयोग से इंटरचेंज लूप भी बनाए जाने की योजना है। वहीं यमुना सिटी की तरफ एक्सप्रेेसवे से आगे करीब पांच किमी में ग्रेनो प्राधिकरण को ही 130 मीटर सड़क बनानी है। इससे आगे यीडा को यह सड़क बनानी होगी। योजना यह है कि बस कारीडोर को भी यीडा अपने क्षेत्र में ग्रेटर नोएडा की तरह ही शामिल करे। इसके लिए मौजूदा 120 मीटर सड़क के प्रस्ताव को 130 मीटर किया जाना है।

