यमुना सिटी में उद्योग लगाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को 14 कंपनियों को जमीन के आवंटन पत्र सौंपे। इन कंपनियों द्वारा करीब 5800 करोड़ रुपये का निवेश होगा, जिससे करीब 10 हजार रोजगार सृजित होंगे। मुख्यमंत्री का कहना है कि प्रदेश करीब 9.1 प्रतिशत योगदान राष्ट्रीय जीडीपी में करता है। यह निवेश प्रदेश के एक ट्रिलियन इकॉनमी बनने के लक्ष्य को पूरा करने में सहयोग करेंगे।
लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के हाथों आवंटन पत्र पाने वाली कंपनियों में सीईएससी ग्रीन पॉवर, वेगा इंडस्ट्रीज, साहू इंटरनेशनल अटायर, क्वार्क्स टेक्नोसॉफ्ट, वर्चुअल इंप्लाई, समरकूल, रिद्धि सिद्धि पेपर्स, जेएमवी एलपीएस, साईंनाथ सेल्स, एजिलिटी इलेक्ट्रोटेक्निक्स, एनडीएसबी इंफ्रास्ट्रक्चर, एडवांस पैनल एंड स्विचगियर्स, अल्फा कम्युनिकेशंस, इंटीग्रेटेड बैटरीज, अर्सेनल इंफोसॉल्यूशंस, एमेड्यूअस इंडिया, मां पेट प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।
कंपनियों ने आश्वासन दिया है कि जल्दी ही निर्माण शुरू कर औद्योगिक इकाई को क्रियाशील किया जाएगा। आरपी संजीव गोयंका समूह की कंपनी सीईएससी के निदेशक अंशुल खंडेलवाल ने कहा कि यमुना सिटी में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के इंफ्रास्ट्रक्चर से निश्चित तौर पर उद्योगों को ऊंची उड़ान भरने में मदद मिलेगी। उद्योग भी प्रदेश सरकार के साथ यूपी को नई ऊंचाई पर ले जाने का प्रयास करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी एक्सप्रेसवे का प्रदेश बन रहा है। सबसे अधिक एक्सप्रेसवे आज प्रदेश में हैं। नोएडा एयरपोर्ट से पूरे पश्चिमी यूपी को लाभ होगा। यहां कार्गो हब बनने से निर्यात में भी तेजी आएगी और पूरे क्षेत्र को इसका लाभ मिलेगा। इस दौरान औद्योगिक विकास राज्यमंत्री जसवंत सिंह सैनी, अपर मुख्य सचिव वित्त व आईआईडीसी दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव औद्योगिक विकास आलोक कुमार, यीडा के सीईओ राकेश कुमार सिंह व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
सोलर ऊर्जा में सबसे अधिक निवेश
इंटीग्रेटेड बैटरीज की तरफ से करीब 1146 करोड़ रुपये का निवेश किया जाना है। कंपनी ने 25 एकड़ जमीन आवंटित कराई है। इसी तरह सीईएससी ने 100 एकड़ जमीन आवंटित कराई है। इस कंपनी को भी यहां सोलर सेल बनाना है। कंपनी करीब 3805 करोड़ रुपये निवेश करेगी। दोनों को सेक्टर-8डी में जमीन आवंटित की गई है। यीडा सीईओ ने बताया कि यह कंपनियां उन 136 निवेशकों में शामिल हैं जोकि प्रदेश के ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 5.0 में शामिल होंगी। यीडा को मिले 30 हजार करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष इन कंपनियों द्वारा 30,885 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।

