एसटीएफ ने हिंसक प्रदर्शन के दौरान आगजनी में शामिल 150 नकाबपोशों की पहचान कर ली है। इनमें कई महिलाएं भी शामिल हैं। आरोपियों ने चेहरे नकाब या कपड़े से ढककर अलग-अलग जगहों पर तोड़फोड़ और आगजनी की। 200 से अधिक घटनास्थलों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से इनकी पहचान हुई है।
जांच में पता चला है कि उपद्रवियों ने 13 अप्रैल से पहले ही प्रदर्शन को हिंसक बनाने का प्रयास किया था। इसके लिए श्रमिकों को उकसाया भी गया था लेकिन मंसूबे में कामयाब नहीं हुए तो एक दिन में ही 50 से अधिक व्हाट्सएप ग्रुप बना लिया और क्यूआर कोड से जोड़कर प्रदर्शन को हिंसक बनाया
इस मामले में गिरफ्तार आदित्य और रुपेश भी कई ग्रुप से जुड़े थे। ग्रुप से कई डेटा डिलीट भी हुए हैं। पुलिस अब इनको रिकवर कर रही है। आशंका है कि इसमें प्रदर्शन से जुड़ी अहम जानकारी सामने आएगी। प्रदर्शन से संबंधित कई ऑडियो और स्क्रीनशॉट भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। इनमें मिर्ची पाउडर, पेट्रोल बम और आगजनी का जिक्र है। ऑडियो में जिस व्यक्ति की आवाज है, टीमें उसकी पहचान करने का दावा कर रही हैं।
उद्यमियों ने औद्योगिक विकास आयुक्त को सौंपी रिपोर्ट
हिंसक प्रदर्शन के बाद गठित हाई पॉवर कमेटी में शामिल उद्यमियों ने शुक्रवार को लखनऊ में औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार को 16 बिंदुओं की रिपोर्ट सौंपी। एनईए उपाध्यक्ष सुधीर श्रीवास्तव ने बताया कि एनईए अध्यक्ष विपिन कुमार मल्हन के नेतृत्व में उद्यमियों के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि अधिकतर बिंदुओं पर बात बनी खासकर ऐसे मामले जिनमें अधिकारी खुद से निर्णय लेने में सक्षम हैं।
औद्योगिक विकास आयुक्त ने गैस सिलिंडर की उपलब्धता और उसकी मॉनिटरिंग की बात मान ली। ऐसे में सख्ती बढ़ाई जाएगी और श्रमिकों को प्राथमिकता के साथ गैस सिलिंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। रिपोर्ट में दिल्ली की तर्ज पर जिलेभर में अटल रसोई शुरू करने की बात पर भी अधिकारियों ने संतुष्टि व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस पर परियोजना तैयार कर अमल में लाया जाएगा। इसके तहत कामगारों को बेहद कम रुपये में ही खाना मिल सकेगा।

