दिल्ली सरकार ने राजधानी में प्रदूषण कम करने के लिए 200 अतिरिक्त एंटी-स्मॉग गन तैनात करने की तैयारी शुरू की गई है। इसको लेकर दिल्ली सचिवालय में पर्यावरण विभाग के अधिकारियों के साथ अहम बैठक हुई। इसमें खरीद प्रक्रिया को समय से पूरी करने और इसपर सख्त निगरानी के निर्देश दिए हैं। दिल्ली सरकार ने बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए एंटी-स्मॉग गनों की संख्या बढ़ाने का फैसला किया है। राजधानी में जल्द ही 200 अतिरिक्त एंटी-स्मॉग गन तैनात की जाएंगी। इसके लिए दिल्ली सचिवालय में बैठक हुई, जिसमें संबंधित विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। नई एंटी-स्मॉग गनों की खरीद और तैनाती की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा हुई। पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि खरीद प्रक्रिया तय समय में पूरी की जाए, ताकि मशीनों की तैनाती में देरी न हो।
निगरानी प्रणाली भी विकसित होगी : इसके साथ ही एंटी-स्मॉग गनों के संचालन के लिए मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार करने को कहा गया है। सरकार चाहती है कि जहां प्रदूषण ज्यादा हो, वहां इन मशीनों का प्रभावी इस्तेमाल हो और नियमित निगरानी से बेहतर परिणाम सामने आएं। बैठक में सड़कों पर उड़ने वाली धूल को कम करने के उपायों पर भी जोर दिया गया। इसके तहत सड़क सफाई के लिए लिटर पिकर्स तैनात होंगे। साथ ही आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर धूल और प्रदूषण के खिलाफ अभियान को और तेज किया जाएगा। इन कदमों से सड़कों पर जमा कचरा और धूल कम होगी, जिससे हवा की गुणवत्ता में सुधार आएगा। एंटी-स्मॉग गन हवा में मौजूद धूल कणों को पानी की महीन फुहार से नीचे बैठाने में मदद करती है।
सीएम मशीनों की खरीद पर संजीदा : पर्यावरण मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ निर्देश दिए कि दिल्ली से प्रदूषण की समस्या को जड़ से खत्म करना है। सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है, ताकि हर दिल्लीवासी को साफ हवा मिल सके और बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहे। एंटी-स्मॉग गन के अलावा पानी का छिड़काव, सड़क सफाई मशीनें और अन्य पर्यावरण अनुकूल उपकरणों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

