आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में 36,588 पुरुष और 22,281 महिलाएं एचआईवी संक्रमित हैं। इसके अलावा 1,355 बच्चे भी एचआईवी से प्रभावित हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रवासी मजदूरों, ट्रक चालकों, नशा करने वालों और हाई-रिस्क ग्रुप में संक्रमण का खतरा ज्यादा देखा जा रहा है। इलाज मौजूद फिर भी कई मरीज बाहर
दिल्ली में एचआईवी मरीजों के लिए 12 एंटीरेट्रोवायरल ट्रीटमेंट सेंटर, 465 इंटीग्रेटेड काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सेंटर और 79 टार्गेटेड इंटरवेंशन प्रोजेक्ट चलाए जा रहे हैं। इसके बावजूद रिपोर्ट में सामने आया है कि राजधानी में करीब 70 प्रतिशत ही है। यानी बड़ी संख्या में मरीज अब भी नियमित इलाज से नहीं जुड़ पाए हैं। गर्भवती महिलाओं पर खास नजर
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, गर्भवती महिलाओं में समय पर एचआईवी जांच न होने से मां से बच्चे में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। रिपोर्ट में बताया गया है कि दिल्ली में ईएमटीसीटी योजना के तहत सैकड़ों मामलों में इलाज की जरूरत सामने आई है। समय रहते जांच और दवा मिलने से इस संक्रमण को रोका जा सकता है।

