Report By : Himanshu Garg (Bihar Politics)
राजनीति में कब क्या हो जाए कोई नहीं जानता। यहां एक पोस्टर को लेकर ही इतना बड़ा बवाल हो जाता है जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होती। दरअसल, इन दिनों बिहार की सियासत में एक पोस्टर काफी चर्चा में बना है। यहां राजधानी पटना के गांधी मैदान में दूसरे चरण शिक्षक भर्ती नियुक्ति पत्र वितरण समारोह की पूरी तैयारी हो चुकी है। इसको लेकर पूरे जिले में बड़े-बड़े होर्डिंग लगाए गए हैं। इस होर्डिंग में सीएम नीतीश कुमार की फोटो लगी है, लेकिन तेजस्वी यादव की तस्वीर यहां से गायब है। ये होर्डिंग देखे बिहार की राजनीति को लेकर एक बार फिर चर्चा की जाने लगी है।
इस मसले को लेकर आरजेडी के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि होर्डिंग में भले तेजस्वी का नाम ना हो, लेकिन यह महागठबंधन और नीतीश-तेजस्वी की सरकार है। तेजस्वी यादव ने 10 लाख नौकरी का वादा किया था जिसे पूरा किया जा रहा है।
CM ने शिक्षकों को नियुक्ति दिए पत्र
आपको बता दें कि कल यानी शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गांधी मैदान ने दूसरी बार चयनित शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिया है। दूसरे चरण में 96,823 शिक्षक उतीर्ण हुए हैं। वहीं, शिक्षा विभाग की ओर से पटना के आयकर गोलंबर पर पोस्टर लगाया गया है। इसमें सबसे ऊपर लिखा गया है ‘रोजगार का मतलब नीतीश सरकार’। इसमें सबसे नीचे विशिष्ट अतिथि के रूप से तेजस्वी यादव का भी नाम है, लेकिन शिक्षा मंत्री का नाम पोस्टर से गायब है।
वहीं दूसरी तरफ पोस्टर को लेकर जब सियासत गरमाई तो जेडीयू नेता छोटू सिंह ने बयान देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री तो नीतीश कुमार ही हैं, जो कुछ विकास हो रहा है या लोगों को रोजगार मिल रहा है वह तो नीतीश कुमार कर रहे हैं कोई और तो नहीं कर रहा है तो इसमें गलत क्या लिखा हुआ है?

