• Wed. Jul 15th, 2026

नोएडा : WTC बिल्डर से पीड़ित बायर्स ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस, ठगी के गंभीर आरोप

Report By : ICN Network

नोएडा। WTC (वर्ल्ड ट्रेड सेंटर) बिल्डर से ठगे गए बायर्स ने नोएडा सेक्टर-29 स्थित मीडिया क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बिल्डर पर गंभीर आरोप लगाए। बायर्स ने कहा कि बिल्डर ने प्रोजेक्ट दिखाकर हजारों लोगों से करोड़ों रुपये ठग लिए, लेकिन अब तक किसी को भी उनका आशियाना नहीं मिला।

बायर्स ने आरोप लगाया कि WTC बिल्डर ने वर्षों पहले निवेश के नाम पर पैसा लिया, लेकिन अब तक किसी भी प्रोजेक्ट को पूरा नहीं किया गया। ग्रेटर नोएडा, नोएडा और फरीदाबाद में बायर्स से प्लॉट और ऑफिस देने के नाम पर करोड़ों रुपये वसूले गए, लेकिन आज तक उन्हें उनका आशियाना नहीं मिला।

प्रभावित बायर्स में न केवल भारत के लोग शामिल हैं, बल्कि दुबई में रहने वाले कई भारतीयों ने भी WTC प्रोजेक्ट में निवेश किया था। लेकिन उन्हें भी ठगी का शिकार होना पड़ा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद बायर्स ने कहा कि उन्हें भूटानी ग्रुप से उम्मीद है, क्योंकि भूटानी धीरे-धीरे रिफंड देने की प्रक्रिया शुरू कर चुका है। इस संबंध में बायर्स की एक कमेटी भी बनाई गई है, जो रिफंड प्रक्रिया पर नजर रखेगी।

बायर्स ने WTC के चेयरमैन आशीष भल्ला पर धोखाधड़ी और ठगी के आरोप लगाए। उनका कहना है कि निवेश के नाम पर प्लॉट और ऑफिस बेचने का वादा किया गया था, लेकिन वादा पूरा नहीं किया गया।

बायर्स ने उत्तर प्रदेश सरकार से मामले में हस्तक्षेप करने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर सरकार दखल नहीं देती, तो हजारों बायर्स की गाढ़ी कमाई डूब सकती है।

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)

Don't Miss

{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}