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छत्तीसगढ़ सरकार का प्रशासनिक फेरबदल, 20 आईपीएस अधिकारियों का तबादला

Byadmin

Apr 21, 2025

Report By : ICN Network

छत्तीसगढ़ सरकार ने हाल ही में एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत 20 आईएएस और 2 आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इसमें 96 राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) और 6 राज्य पुलिस सेवा (SPS) अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियाँ दी गई हैं।

1992 बैच के आईएएस अधिकारी सुब्रत कुमार साहू को अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS), लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग का पद सौंपा गया है। इसके अलावा, राज्य के विभिन्न विभागों में कई अन्य आईएएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियाँ दी गई हैं।

2021 बैच के आईपीएस अधिकारी अमरेश मिश्रा को रायपुर रेंज का पुलिस महानिरीक्षक (IG) नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, राज्य के विभिन्न जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) को भी स्थानांतरित किया गया है।

इस फेरबदल का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में सुधार लाना, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और राज्य के विकास कार्यों में तेजी लाना है। सरकार ने यह कदम अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में विविधता लाने और उनके अनुभव का लाभ राज्य के विभिन्न हिस्सों में पहुँचाने के लिए उठाया है।

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Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}