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दिल्ली : रेहड़ी-पटरी वालों के लिए स्ट्रीट साथी एप लॉन्च

दिल्ली में रेहड़ी-पटरी वालों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए NASVI ने स्ट्रीट साथी एप लॉन्च किया है। यह ऐप ऋण और बीमा सुविधा प्रदान करेगा। नासवी ने एमसीडी सर्वेक्षण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया है ताकि वेंडर्स के अधिकारों की रक्षा हो सके। उच्च न्यायालय के आदेशानुसार बेदखल करने से पहले 30 दिन का नोटिस अनिवार्य है और स्ट्रीट फूड वेंडर्स के लिए एफएसएसएआई लाइसेंस अनिवार्य है।

राष्ट्रीय राजधानी के रेहड़ी-पटरी वालों (स्ट्रीट वेंडर्स) की आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए भारतीय राष्ट्रीय रेहड़ी-पटरी विक्रेता संघ (NASVI) ने ‘स्ट्रीट साथी एप’ की शुरुआत की है, इसके माध्यम से स्ट्रीट वेंडर्स को ऋण सुविधा के साथ-साथ एक लाख रुपये तक की आकस्मिक बीमा पॉलिसी का लाभ भी दिया जाएगा।
पश्चिम, दक्षिण और रोहिणी क्षेत्रों के वेंडर्स को इसका विशेष लाभ मिलेगा। एप का शुभारंभ सोमवार को दिल्ली में आयोजित नासावी की संवादात्मक बैठक में किया गया।बैठक में प्रतिभाग कर रहे स्ट्रीट वेंडर्स को उनका हक दिलाने और किसी भी कार्रवाई से बचाने के लिए नासवी ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के सर्वेक्षण में सक्रिय रूप से शामिल होने का आह्वान किया है।कहा गया कि यह भागीदारी न सिर्फ उनकी स्थिति को औपचारिक दर्जा दिलाने में मदद करेगी, बल्कि नीतिगत मामलों में उनकी मजबूत आवाज भी बनेगी।

बैठक में वेंडर्स के अधिकारों और आजीविका की रक्षा के लिए मौजूदा कानूनों के सही क्रियान्वयन पर सामूहिक रूप से काम करने का संकल्प लिया गया।नासवी के राष्ट्रीय समन्वयक अरबिंद सिंह ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले दो महीनों में छह जोन में एमसीडी और टाउन वेंडिंग कमेटियों (टीवीसी) के सहयोग से इस काम को निर्धारित संस्था ‘निदान’ यह सर्वेक्षण करेगी।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}