महाराष्ट्र की चहल-पहल भरी राजधानी मुंबई में एक ऐसी चतुराई भरी चोरी ने सुरक्षा के किले को हिला दिया है, जहां एक धूर्त चोर ने नौसेना के एक जवान से INSAS राइफल और उसके साथ लोडेड मैगजीन चुरा ली। यह चोर नौसेना की चमचमाती वर्दी में सज-धज कर आया था, जिसकी वजह से कोई भी उसकी खतरनाक मंशा पर शक नहीं कर सका। चोरी की गई राइफल में 40 जिंदा राउंड लोडेड थे, जो इस घटना को और भी गंभीर बना देते हैं। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे मुंबई में दहशत का माहौल छा गया है, और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं।
मुंबई पुलिस को इस घटना की तुरंत सूचना दी गई, और नेवी के अधिकारी ने कोलाबा के कफ परेड पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करवाई। पुलिस और नौसेना की संयुक्त टीमें चोर की तलाश में छापेमारी कर रही हैं, जबकि एटीएस और मुंबई क्राइम ब्रांच जैसी एजेंसियां भी जांच में जुड़ गई हैं।
चोरी का रहस्यमयी प्लान: कैसे फंसाया गया जवान को?
रक्षा मंत्रालय के पब्लिक रिलेशंस ऑफिसर (पीआरओ) ने इस घटना का विस्तृत ब्यौरा साझा किया है, जो एक हॉलीवुड थ्रिलर फिल्म जैसा लगता है। पीआरओ के मुताबिक, “यह सनसनीखेज घटना 6 सितंबर 2025 की रात को नेवी नगर, कोलाबा के संवेदनशील इलाके में घटी। एक अग्निवीर जवान सेंट्री ड्यूटी पर तैनात था, तभी नौसेना की वर्दी पहने एक अज्ञात व्यक्ति ने चालाकी से एंट्री मार ली। उसने जवान को बताया कि वह पोस्ट संभालने के लिए ही भेजा गया है, और ड्यूटी रिलीव करने आया है।”
डिफेंस पीआरओ ने आगे खुलासा किया: “ड्यूटी पर खड़े नौसेना के संतरी के पास वह व्यक्ति नौसेना की वर्दी में आ धमका। उसने ऐसा अभिनय किया मानो वह सेंट्री को ड्यूटी से मुक्त करने आया हो। भोले-भाले नौसेना कर्मी ने अपनी INSAS राइफल और तीन मैगजीनों सहित गोला-बारूद उस व्यक्ति को सौंप दिया। कुछ ही पलों बाद, वह ‘रिलीवर’ राइफल लटकाए फरार हो गया, और जवान को अपनी घड़ी लेने के लिए वापस आने पर ही इस धोखे का अहसास हुआ।”
यह चोरी गणेश विसर्जन के दौरान हुई, जब इलाका भक्तिमय उल्लास से भरा था, लेकिन सुरक्षा प्रोटोकॉल में आई यह चूक ने सबको चौंका दिया। नेवी ने बोर्ड ऑफ इंक्वायरी का आदेश जारी कर दिया है, ताकि इस लापरवाही की जड़ें खोजी जा सकें। एक पूरे दिन तक नेवी की टीमें इलाके में सघन तलाशी लेती रहीं, लेकिन चोर का सुराग नहीं लगा। अब सीसीटीवी फुटेज स्कैन हो रही है, और संदिग्ध का स्केच भी जारी कर दिया गया है।
सर्च ऑपरेशन तेज: क्या मिलेगा सुराग?
नौसेना और मुंबई पुलिस ने संयुक्त रूप से व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है, जिसमें एनआईए जैसी एजेंसियां भी सहयोग कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना न केवल सुरक्षा की पोल खोलती है, बल्कि संवेदनशील सैन्य क्षेत्रों में प्रोटोकॉल की मजबूती पर सवाल भी खड़े करती है। यदि चोर पकड़ा गया, तो यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन सकता है। फिलहाल, मुंबई की सड़कें और आसपास के इलाके चोर की तलाश में छाने जा रहे हैं, और उम्मीद है कि जल्द ही यह रहस्य सुलझ जाएगा।


