सेक्टर-50 स्थित मेदांता अस्पताल के उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लगभग एक दशक पहले उत्तर प्रदेश में गरीब परिवारों के लिए इलाज कराना बेहद कठिन चुनौती थी। कैंसर, लीवर इंफेक्शन या बायोप्सी जैसी जरूरतों के लिए लोगों को अपनी संपत्ति बेचने और गहने गिरवी रखने तक की नौबत आ जाती थी।
उन्होंने कहा कि आज ‘स्वास्थ्य प्राथमिकता’ डबल इंजन सरकार की पहचान बन चुकी है। हर साल मुख्यमंत्री राहत कोष से करीब 1300 करोड़ रुपये गरीब मरीजों के इलाज पर खर्च किए जा रहे हैं।
सीएम योगी ने बताया कि जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के लगभग 50 करोड़ लोगों को प्रति कार्ड 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य सुरक्षा कवर उपलब्ध करा रहे हैं।
सपा और बसपा पर बिना नाम लिए निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश को “वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया” के तौर पर जाना जाता था, लेकिन अब स्थितियां बदल चुकी हैं।
कार्यक्रम में मौजूद मेदांता अस्पताल के चेयरमैन और एमडी डॉ. नरेश त्रेहान ने कहा कि मेदांता नोएडा, संस्था के मिशन का अहम पड़ाव है। अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी, उन्नत इंफ्रास्ट्रक्चर और अनुभवी चिकित्सकों को एक ही स्थान पर लाते हुए यह अस्पताल दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी यूपी के मरीजों को उच्च स्तर की टर्शियरी और क्वाटर्नरी केयर उपलब्ध कराएगा।
उन्होंने दावा किया कि आधुनिक सुविधाओं और मजबूत क्लिनिकल टीम के बल पर मेदांता नोएडा चिकित्सा उत्कृष्टता और बेहतर मरीज परिणामों का नया मानक तय करेगा।
इस अवसर पर समूह के सीईओ पंकज साहनी समेत कई अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।