डॉ. भीमराव आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाबा साहब की प्रतिमाओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं, इसलिए राज्य सरकार ने फैसला किया है कि सभी मूर्तियों के चारों ओर सुरक्षित बाउंड्री वॉल बनाई जाएगी। जिन स्थानों पर प्रतिमाओं के ऊपर शेड नहीं हैं, वहां शेड भी निर्मित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जहां भी काम अधूरा है, उसे जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा। इस मौके पर सीएम योगी ने बाबा साहब की स्मृति को नमन किया।
उन्होंने बताया कि चतुर्थ श्रेणी संविदा सफाई कर्मियों की समस्याओं पर भी सरकार ने निर्णय ले लिया है। नया कॉरपोरेशन बनाया गया है और एक–दो महीनों में सभी संविदा व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को न्यूनतम मानदेय की गारंटी सुनिश्चित की जाएगी। योगी ने कहा कि वंचित वर्गों को मिलने वाले सम्मान और सुविधाएं बाबा साहब की प्रेरणा का परिणाम हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश नई दिशा में आगे बढ़ रहा है—पंचतीर्थ का विकास और अनुसूचित जाति–जनजाति छात्रों के लिए नई छात्रवृत्ति योजनाएं समानता और आत्मसम्मान के आंबेडकरवादी विचारों को मजबूत कर रही हैं।
हजरतगंज स्थित आंबेडकर महासभा कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। सभा की शुरुआत बौद्ध भिक्षुओं द्वारा बुद्ध वंदना और त्रिशरण पंचशील के पाठ से हुई। कार्यक्रम में डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने सुझाव दिया कि सरकारी पाठ्यक्रमों में संविधान की उद्देशिका, मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्य, नीति निर्देशक सिद्धांत, संघीय ढांचा और न्यायपालिका की स्वतंत्रता जैसे विषयों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए।
दूसरी ओर, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि सपा का रवैया हमेशा से आरक्षण और डॉ. आंबेडकर के प्रति नकारात्मक रहा है। उनका आरोप है कि अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री रहते दलित कर्मचारियों के प्रमोशन में आरक्षण को खत्म किया और लाखों कर्मियों का पदावनन कराया। उनका कहना है कि सपा अब सिर्फ वोटों को ध्यान में रखकर आंबेडकर की बात करती है।
इधर, बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने घोषणा की कि वह 6 दिसंबर को नोएडा में होने वाली प्रस्तावित रैली में शामिल नहीं होंगी। मायावती का कहना है कि उनकी सुरक्षा व्यवस्था के कारण कार्यकर्ताओं को असुविधा होती है, इसलिए वह अपने आवास पर ही बाबा साहब को श्रद्धांजलि देंगी। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों में भीड़ उमड़ती है और सुरक्षा व्यवस्था के चलते लोगों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
इस बीच लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 6 दिसंबर के कार्यक्रम को अनुमति न मिलने पर समाजवादी पार्टी ने नाराजगी जताई है। सपा नेताओं ने इसे अलोकतांत्रिक और बाबा साहब के प्रति दुर्भावनापूर्ण रवैया बताया। सांसद आरके चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कार्यक्रम में अखिलेश यादव शामिल होने वाले थे, लेकिन भाजपा सरकार के दबाव में पुलिस ने कार्यक्रम रद्द कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बाबा साहब का नाम सिर्फ वोट पाने के लिए लेती है, लेकिन उनके मूल्यों को स्वीकार नहीं करती।
सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने कहा कि श्रद्धांजलि सभा रद्द करना यह दिखाता है कि भाजपा बाबा साहब के विचारों से नफरत करती है। उन्होंने कहा कि संविधान ही गरीब, वंचित और पिछड़े लोगों की ताकत है और पार्टी हर जगह परिनिर्वाण दिवस मनाती रहेगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजेंद्र चौधरी, मिठाई लाल भारती और राम बाबू सुदर्शन भी मौजूद थे।