बाबरी मस्जिद की बरसी को देखते हुए उत्तर प्रदेश का सुरक्षा तंत्र पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मथुरा, संभल और अयोध्या जैसे महत्वपूर्ण जिलों में प्रशासन, पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों पर मजबूत किया है। शहरों में ड्रोन कैमरों से निगरानी, फ्लैग मार्च, PAC और RRF की तैनाती, सक्रिय CCTV नेटवर्क और कंट्रोल रूम की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के जरिए हालात पर लगातार पैनी नजर रखी जा रही है।
मथुरा के संवेदनशील इलाकों—श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर, शाही ईदगाह मस्जिद, मिश्रित आबादी वाले बाजारों और प्रमुख चौराहों—में सुरक्षा विस्तार किया गया है। वरिष्ठ अधिकारी खुद फील्ड में मौजूद रहकर हालात का जायजा ले रहे हैं। पुलिस की फुट पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है और ड्रोन लगातार भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों को स्कैन कर रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अफवाह या भड़काऊ पोस्ट फैलाने वालों पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
संभल, जो पहले से ही अत्यंत संवेदनशील जिलों में शामिल है, वहां जामा मस्जिद और आसपास के क्षेत्रों में PAC की तीन कंपनियां और RRF तैनात हैं। मस्जिद की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। शहर की 360-डिग्री मॉनिटरिंग इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से की जा रही है, जहां 200 से अधिक CCTV और PTZ कैमरों के माध्यम से प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने संवेदनशील पॉकेट्स में तैनात जवानों को संदिग्ध लोगों और वाहनों पर नजर रखने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
अयोध्या में जन्मभूमि परिसर से लेकर सरयू घाट तक सुरक्षा का घेरा और मजबूत कर दिया गया है। सभी प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर, कड़ी फ्रिस्किंग, अतिरिक्त पुलिस बल जैसी व्यवस्थाएं लागू हैं। कमांडो यूनिट लगातार पेट्रोलिंग कर रही है और ड्रोन निगरानी भी बढ़ाई गई है।
मथुरा, संभल और अयोध्या तीनों शहरों में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। सोशल मीडिया की मॉनिटरिंग 24×7 हो रही है और किसी भी स्थिति को लेकर प्रशासन ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई है।