महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। ठाकरे परिवार की मौजूदगी में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने अपनी पार्टियों—शिवसेना (उद्धव गुट) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना—के गठबंधन की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस ऐलान के साथ ही राजनीतिक गलियारों में नए समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, दोनों दलों ने सीटों के बंटवारे पर अभी कोई खुलासा नहीं किया है।
राज ठाकरे ने गठबंधन की घोषणा करते हुए कहा कि शिवसेना और MNS साथ आ गई हैं और महाराष्ट्र किसी भी तरह के झगड़े या विवाद से बड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल यह नहीं बताया जाएगा कि कौन सा दल कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगा। साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि मुंबई का मेयर मराठी होगा और वह इसी गठबंधन से होगा।
यह गठबंधन मुंबई समेत सात नगर निकायों में मिलकर चुनाव लड़ेगा, लेकिन दोनों दलों के लिए सबसे अहम मुकाबला मुंबई महानगरपालिका (BMC) का है। इस चुनाव को ठाकरे भाइयों के राजनीतिक भविष्य और प्रभाव की निर्णायक लड़ाई के तौर पर देखा जा रहा है। बुधवार दोपहर 12 बजे राज और उद्धव ठाकरे एक साथ मंच पर आए और युति की घोषणा की।
गठबंधन के ऐलान के बाद जब पत्रकारों ने सवाल किए तो बीजेपी नेता रावसाहेब दानवे के उस बयान का भी जिक्र हुआ, जिसमें उन्होंने इसे ठाकरे परिवार का आखिरी चुनाव बताया था। इस पर उद्धव ठाकरे ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे बयानों पर जवाब देना जरूरी नहीं है और उनकी पार्टी में फैसले सामूहिक रूप से लिए जाते हैं।