सड़कों पर फैली धूल और गंदगी को लेकर नगर निगम ने इलाके की स्वच्छता को लेकर एक मेगा प्लान तैयार किया है, जिसके लिए 470 करोड़ रुपये का रोडमैप तैयार किया है। इस योजना की सबसे खास बात यह है कि जब शहर सो रहा होगा, तब मशीनें सड़कों को चमका रही होंगी।
सफाई व्यवस्था को हाई-टेक बनाने के लिए निगम ने मशीनों का एक बड़ा बेड़ा उतारने का फैसला किया है। इसमें 20 बड़ी रोड स्वीपिंग मशीनें मुख्य सड़कों और एक्सप्रेसवे की सफाई करेंगी। 4 मध्यम साइज की मशीनें जो संकरी सड़कों और रिहायशी इलाकों के मोड़ तक पहुंचेंगी। सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम रहे, इसलिए सफाई का काम रात के समय किया जाएगा। वहीं, हर 30 कर्मचारियों पर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली होगी। अब कूड़े को सड़कों के किनारे से साथ-के-साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर हटाया जाएगा।
शनिवार और रविवार को जब बाजारों में सबसे ज्यादा भीड़ होती है, तब गंदगी से निपटने के लिए अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। निगम का यह कदम न केवल शहर को सुंदर बनाएगा, बल्कि सड़कों पर उड़ने वाली धूल को कम करके प्रदूषण स्तर एक्यूआई में भी सुधार लाएगा।

