डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि एक गिरोह सक्रिय था जिसके सदस्य अलग-अलग राज्यों में जाकर लग्जरी गाड़ियों को फाइनेंस कराते थे। यह सभी फर्जी आईडी लगाकर गुमराह भी करते थे। बैंक की किश्त भी नहीं जमा करते थे। उन गाड़ियों को हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, राजस्थान और पंजाब जाकर बेच दिया करते थे। वाहन बेचते समय आरोपी तीन महीने के अंदर एनओसी उपलब्ध कराने का वादा भी करते थे। किश्तों का भुगतान न होने पर बैंक कर्मी जब दिए हुए पते पर जाते थे तो उन्हें वापस लौटना पड़ता था। टीम ने पंजाब के पठानकोट निवासी नवीन, अलीगढ़ के रहने वाले अनुराग और दिल्ली के मॉडल टाउन निवासी अमित गुप्ता को गिरफ्तार किया है।
चकमा देने वाले निकले 12वीं पास
पुलिस ने जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है उन्होंने सिर्फ 12वीं तक ही पढ़ाई की है। गिरोह में नवीन 48, अमित गुप्ता 44 और अनुराग 27 साल का है। आरोपियों के पास से थार, ग्रैंड विटारा, किया सेल्टॉस, महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन जैसी गाड़ियां बरामद की हैं, जो कि फर्जी दस्तावेज के आधार पर ली गई थीं।पुलिस नेटवर्क का खुलासा करने के लिए जांच कर रही है। बरामद दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच कराई भी कराई जाएगी। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने एक ही कार पर दोबारा लोन लेने का भी प्रयास करते थे, इस तरह आरोपी एक ही गाड़ी से कई बार लाभ उठाते थे। पुलिस के मुताबिक आरोपी अमित गुप्ता पर पहले से दिल्ली और जिले में धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। इसी तरह अनुराग और नवीन पर भी प्राथमिकी दर्ज है।

