उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव और 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस ने राज्य में अपनी सक्रियता तेज कर दी है। संगठन को मजबूत करने और माहौल बनाने के लिए पार्टी शनिवार से 30 रैलियों का अभियान शुरू कर रही है। इसकी शुरुआत सीतापुर से होगी, जहां पहली रैली आयोजित की जाएगी।
पार्टी की रणनीति के तहत प्रदेश के बड़े शहरों में होने वाली महारैलियों में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सांसद राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा को शामिल किया जाएगा। सीतापुर के बाद 31 जनवरी को आगरा, 1 फरवरी को लखनऊ और 8 फरवरी को वाराणसी में रैली प्रस्तावित है। वाराणसी की सभा के लिए प्रदेश कांग्रेस ने शीर्ष नेतृत्व से समय मांगा है।
लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन के चलते कांग्रेस ने 17 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिनमें से छह पर जीत मिली। इसके बाद से प्रदेश इकाई लगातार हाईकमान को यह संदेश दे रही है कि 2027 का विधानसभा चुनाव और उससे पहले पंचायत चुनाव पार्टी अपने दम पर लड़ने की तैयारी करे। इस संबंध में प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय ने वरिष्ठ नेताओं से विचार-विमर्श भी किया है। हालांकि, फिलहाल सपा के साथ गठबंधन जारी रहने की संभावना है और रैलियों में सपा नेताओं को भी आमंत्रित किया जा सकता है।
जिलों से मिले सुझावों के आधार पर अभी तक 12 रैलियों की तिथियां और स्थान तय किए गए हैं। सीतापुर, आगरा, लखनऊ और वाराणसी के अलावा 14 फरवरी को अलीगढ़, 16 फरवरी को सहारनपुर, 28 फरवरी को रामपुर, 12 मार्च को लखीमपुर खीरी, 22 मार्च को बदायूं, 29 मार्च को बाराबंकी, 31 मार्च को मुजफ्फरनगर और 5 अप्रैल को बागपत में सभाएं होंगी।
बाकी 18 रैलियों की रूपरेखा भी तैयार की जा रही है। 1 फरवरी को लखनऊ में रैली के बाद अभियान के समापन के लिए भी राजधानी में एक बड़ी महारैली आयोजित करने की योजना है, जिसमें पार्टी का शीर्ष नेतृत्व मौजूद रहेगा।